DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र अम्बरीश पाण्डेय का JPSC में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पद पर चयन

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के शोध छात्र एवं जूनियर रिसर्च फेलो अम्बरीश पाण्डेय का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर है।
अम्बरीश पाण्डेय इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कृषि विभाग में गेस्ट फैकल्टी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे जैव प्रौद्योगिकी विभाग में प्रो. शरद कुमार मिश्र के निर्देशन में अपना शोध कार्य कर रहे हैं।
उनकी इस सफलता पर विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

अम्बरीश पाण्डेय मूल रूप से गोरखपुर नगर के इलाहीबाग क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पिता बृजेन्द्र पाण्डेय न्याय विभाग से सेवानिवृत्त हैं तथा माता रंजना पाण्डेय गृहिणी हैं। बचपन से ही मेधावी रहे अम्बरीश ने अपनी स्कूली शिक्षा गोरखपुर से ही पूरी की।
उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), सोनीपत (हरियाणा) से एमटेक की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा वे यूजीसी नेट-जेआरएफ, गेट और एएसआरबी नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर चुके हैं।
अम्बरीश पाण्डेय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी एवं शोध निर्देशक प्रो. शरद कुमार मिश्र को दिया है।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'