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फरीदपुर फाटक खुलवाने व टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर किसानों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

 

सेवराई। चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल के रोस्टर के अनुसार पानी छोड़े जाने के बावजूद फरीदपुर फाटक बंद रहने से मुख्य नहर में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और प्रभारी तहसीलदार सेवराई पंकज कुमार को ज्ञापन सौंपकर समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।

किसान नेता भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों ने बताया कि फरीदपुर फाटक से पश्चिम जमानियां तक अधिकांश किसानों ने धान की रोपाई पूरी कर ली है। मुख्य नहर से जुड़े बारा, मगरखाई, हरकनपुर, गहमर सहित बिहार सीमा तक के 50 से अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। फरीदपुर फाटक से बिहार सीमा तक करीब 23 किलोमीटर लंबी नहर के टेल तक पानी पहुंचाने की मांग किसानों ने जोरदार तरीके से रखी।

किसानों का कहना है कि 29 जुलाई की शाम तक रोस्टर के तहत पानी चलने की अवधि थी, लेकिन फरीदपुर फाटक से आगे पानी नहीं बढ़ सका। उन्होंने प्रभारी तहसीलदार से अनुरोध किया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर मुख्य नहर के टेल तक तुरंत पानी पहुंचवाया जाए, ताकि धान की फसल सुरक्षित रह सके।

ज्ञापन में किसानों ने अपनी समस्या को गंभीरता से हल करने और रोस्टर के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की अपील की है। इस मौके पर भोला सिंह, लरी सिंह, आशु सिंह, टीपू सिंह, बिहारी जी सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने आश्वासन दिया कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र हो जाता है तो वे प्रशासन के सहयोग से खेती को आगे बढ़ाएंगे।

किसानों की एकजुटता और प्रशासन से संवाद सकारात्मक कदम

किसानों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपना और समस्या के समाधान की मांग करना प्रशासन व सिंचाई विभाग के लिए महत्वपूर्ण फीडबैक है। उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही फरीदपुर फाटक खुलवाकर मुख्य नहर में टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सकेगी।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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