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घर से लापता किशोर सकुशल लौटा, परिजनों ने गहमर पुलिस का जताया आभार

सेवराई (गाजीपुर)। गहमर थाना क्षेत्र के बारा गांव से लापता 15 वर्षीय किशोर सकुशल अपने घर लौट आया है। किशोर के सुरक्षित घर पहुंचने से परिजनों ने राहत की सांस ली और गहमर पुलिस की सक्रियता व तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पुलिस के अनुसार, बारा गांव निवासी समीमुद्दीन खां ने अपने 15 वर्षीय पुत्र सैफ के घर से लापता होने की सूचना देते हुए गहमर थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर 9 जुलाई 2026 को थाना गहमर में मुकदमा अपराध संख्या 127/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की गई थी। पुलिस ने तत्काल विभिन्न संभावित स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की तथा आवश्यक सूचनाएं प्रसारित कर खोजबीन तेज कर दी थी।
गुरुवार को किशोर अपने पिता के साथ स्वयं गहमर थाने पहुंचा। परिजनों ने पुलिस को दिए गए लिखित प्रार्थना-पत्र में बताया कि उनका पुत्र 4 जुलाई को बिना किसी को बताए दिल्ली चला गया था। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि किशोर की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। अब उसके सकुशल वापस लौट आने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी ने नियमानुसार किशोर से पूछताछ कर उसके सकुशल मिलने की पुष्टि की। मामले के विवेचक उपनिरीक्षक संजय कुमार यादव एवं चौकी प्रभारी कामाख्या द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। पुलिस ने किशोर के बयान दर्ज करने के साथ ही संबंधित अभिलेखों को अद्यतन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
किशोर के सकुशल घर लौटने पर परिजनों ने गहमर पुलिस की संवेदनशीलता और तत्पर कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस के सहयोग से उन्हें अपने बेटे के सुरक्षित मिलने की उम्मीद बनी रही, जिसके लिए वे पुलिस प्रशासन के प्रति आभारी हैं।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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