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गहमर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 180 लीटर देसी शराब बरामद

….20 पेटी अवैध शराब संग बिहार के तीन तस्कर दबोचे, एंडेवर वाहन सीज 72 हजार रुपये की खेप पकड़ी गई….

सेवराई (गाजीपुर)। गहमर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 पेटी (900 पाउच/180 लीटर) अवैध देसी शराब के साथ बिहार के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त फोर्ड एंडेवर (UP14 BQ2181) को भी सीज कर दिया। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 72 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध एवं अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), क्षेत्राधिकारी जमानियां तथा प्रभारी निरीक्षक गहमर नंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार को चौकी प्रभारी देवल की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक वाहन से अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस ने ग़हमर से बारा की तरफ जाने वाले रास्ते पर मठिया ग्राउंड तिराहे के पास घेराबंदी कर दोपहर करीब 1:44 बजे वाहन को रोक लिया।
तलाशी के दौरान वाहन से 20 पेटी अवैध देसी शराब बरामद हुई। मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान राजकुमार कुशवाहा (30 वर्ष), धर्मेंद्र कुमार (25 वर्ष) तथा रोशन कुमार (20 वर्ष) निवासी जिला बक्सर (बिहार) के रूप में हुई।

प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी ने बताया कि बरामद शराब व वाहन को कब्जे में लेकर गहमर थाने में मु0अ0सं0 132/2026 के तहत धारा 60/72 आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी देवल उपनिरीक्षक शिवकृष्ण, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, कांस्टेबल सत्य कुशवाहा, सौरभ तथा रंजीत सिंह की अहम भूमिका रही।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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