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भदौरा ब्लॉक मुख्यालय पर 20 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 

सेवराई (गाजीपुर)। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के उद्देश्य से विकासखंड भदौरा मुख्यालय परिसर में बुधवार को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के.के. सिंह के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान परिसर में आम, अमरूद, नीम, पीपल, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के 20 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए।

 

वृक्षारोपण के बाद खंड विकास अधिकारी के.के. सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार भी हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

 

उन्होंने कहा कि फलदार एवं छायादार वृक्ष आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध वातावरण, छाया और फल प्रदान करेंगे। सरकार द्वारा संचालित वृक्षारोपण अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यालयों एवं आम नागरिकों को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

 

बीडीओ ने उपस्थित कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यस्थल एवं घरों के आसपास पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लें, ताकि क्षेत्र को अधिक से अधिक हराभरा बनाया जा सके।

 

कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित लोगों ने भी पौधों की नियमित सिंचाई एवं संरक्षण का संकल्प लिया। वृक्षारोपण के बाद सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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