प्राचार्य रवि प्रताप सिंह के विदाई पर आँखें हुईं नम, नवागत अध्यापक का हुआ स्वागत

देवरिया (भागलपुर): भागलपुर ब्लॉक के शुक्ल स्थित प्राइमरी विद्यालय में कार्यरत प्राचार्य रवि प्रताप सिंह के स्थानांतरण पर विद्यालय प्रांगण में एक भव्य विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार और स्थानीय शिक्षकों ने उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, डायरी और कलम भेंट कर भावभीनी विदाई दी।
इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं छात्रों ने श्री सिंह के विद्यालय में किए गए कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और शिक्षण के प्रति समर्पण को सभी ने सराहा।
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नवागत शिक्षक का भव्य स्वागत
इस विदाई समारोह में नवागत शिक्षक हरिश्चंद्र चौधरी का विद्यालय परिवार की ओर से तिलक, फूलमालाओं और तालियों की गूंज के साथ भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिवार ने उनसे नई ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन की अपेक्षा जताई।

शिक्षकों ने रखे अपने विचार
इस अवसर पर विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों से आए शिक्षकों ने रवि प्रताप सिंह के योगदान की चर्चा करते हुए अपने विचार रखे। उनके स्थानांतरण पर उपस्थित सभी की आंखें नम हो गईं, और उन्होंने नई जगह पर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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समारोह में उपस्थित गणमान्य शिक्षक
इस आयोजन में शिक्षक धर्मेंद्र नाथ तिवारी, संजय पांडेय, संगीता यादव, अखंड चौधरी, शिवानंद यादव, विनीत कुमार, अच्छे लाल यादव, राजेश यादव, बलवंत सिंह, रामा अनुज, व्यास यादव, महंथ कुशवाहा, पविण चौबे, बागेश पांडेय, अनुप सिंह, आभा शुक्ला, मनोज कुमार, रंजना, सीमा, रमा देवी, विनोद, दिनेश सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'