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आत्मरक्षा के गुर सीखकर सशक्त बनेंगी छात्राएं, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण में 93 ने कराया पंजीकरण

अजित कुमार सिंह 

नगसर। शासन के निर्देश पर शनिवार को क्षेत्र के पांच कंपोजिट विद्यालयों विशुनपुरा, अवंती, असांव, उजराडीह व सरहुला तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय नुरपुर में छात्राओं के लिए ‘वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें आत्मविश्वास, साहस और सजगता विकसित करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत ‘वीरांगना’ ऐप पर 93 छात्राओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ हुई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की विशेष प्रशिक्षक कविता चौहान ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में सजग रहना, आत्मविश्वास बनाए रखना और सही निर्णय लेना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रशिक्षक ने छात्राओं को हमलावर की पकड़ से निकलने, शरीर के संवेदनशील हिस्सों से बचाव करने तथा किसी भी खतरे की स्थिति में आसपास के वातावरण का तत्काल आकलन करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का उद्देश्य किसी से लड़ना नहीं, बल्कि खतरे की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखते हुए वहां से निकलना है।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया और प्रशिक्षक से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शासन के निर्देशानुसार कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो ‘वीरांगना’ ऐप पर ऑनलाइन अपलोड किए गए।
इस अवसर पर संत कुमार गुप्ता, मिथलेश सिंह, कविंद्र कुमार, संजय कुमार सिंह, विनोद सिंह, अजय कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अरशद हसन, मंगल दीप सिंह, शिवचंद चौहान और भरत सिंह सहित शिक्षक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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