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नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में भेजा गया जेल

 

बस स्टैंड से सकुशल बरामद हुई थी किशोरी, विवेचना में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर बढ़ाई गई धाराएं

सेवराई (गाजीपुर)। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गहमर पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने तथा दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सेवराई निवासी एक व्यक्ति ने 1 अगस्त को थाना गहमर में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को अंकित कुमार (18) निवासी ग्राम विशुनपुरा, थाना नगसर हाल्ट, वर्तमान पता सेवराई, बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों द्वारा तलाश के दौरान किशोरी को करहियां मुड़िया बारी बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया गया। तहरीर के आधार पर थाना गहमर में मुकदमा संख्या 155/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) एवं 87 में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए। न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज कराने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी द्वारा दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि होने पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5एल/6 भी बढ़ा दी गई।
शनिवार को गहमर पुलिस ने आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक गहमर ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ थाना गहमर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में त्वरित विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गिरफ्तार करने वाली इस टीम में चौकी प्रभारी सेवराई शिव प्रसाद पांडेय,हे0का0 राजेश कुमार गौतम,का0 रामू कुशवाहा,अजय चौहान शामिल रहे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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