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कम्पोजिट विद्यालय विशुनपुरा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने विशेष वेतन खाता अभियान चलाया,

अजित कुमार सिंह 

…एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत 11 विभिन्न प्रजातियों के लगाए गए पौधे…

 

नगसर । कम्पोजिट विद्यालय विशुनपुरा में बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एक विशेष वेतन खाता अभियान चलाया। यह अभियान एसबीआई और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य जिले के शिक्षकों को स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज (एसजीएसपी) का लाभ प्रदान करना है।इस अभियान के तहत शिक्षकों के लिए नए वेतन खाते खोले गए और उनके मौजूदा खातों को एसजीएसपी सैलरी अकाउंट में बदला गया। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत 11 विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी लगाए गए।
कार्यक्रम का संचालन एसबीआई मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक आलोक कुमार पाण्डेय और विद्यालय के प्रधानाध्यापक संत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने इस अभियान में भाग लिया और अपने वेतन खातों को एसजीएसपी पैकेज के तहत परिवर्तित कराया।सहायक प्रबंधक आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस विशेष सैलरी पैकेज से शिक्षकों को कई वित्तीय और बीमा संबंधी लाभ मिलेंगे। उन्होंने शिक्षकों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। पाण्डेय ने कहा कि एसजीएसपी पैकेज सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उन्होंने पैकेज की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसमें न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने की कोई बाध्यता नहीं है। इसके अतिरिक्त, 1 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, स्थायी पूर्ण एवं आंशिक विकलांगता कवर, ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, लॉकर शुल्क में रियायत, निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड, एटीएम लेनदेन में विशेष छूट, पारिवारिक बैंकिंग सुविधा और विभिन्न ऋणों पर रियायती ब्याज दर जैसी कई अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं।
शिक्षकों ने इस अभियान को अत्यंत उपयोगी बताया और इसकी सराहना की। इस पहल से क्षेत्र के शिक्षकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ सुरक्षा और वित्तीय लाभों का सीधा फायदा मिलेगा।इस अवसर पर प्रधानाध्यापक संत कुमार गुप्ता, सुधाकर सिंह, मंगलदीप सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अरशद हसन, धर्मेंद्र कन्नौजिया, विनोद सिंह, सुषमा गुप्ता, मिथिलेश सिंह, भारत सिंह, रमेश सिंह, संजय कुमार सिंह, अजीत कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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