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सेवराई पुलिस की लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई, दो दिनों में 53 पाउच अवैध शराब के साथ बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार

 

मामा इंटरप्राइजेज मार्ग व भदौरा रेलवे स्टेशन के पास हुई कार्रवाई, आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज हुए मुकदमे

सेवराई (गाजीपुर)। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गहमर थाना की सेवराई चौकी पुलिस को लगातार दूसरे दिन सफलता मिली। पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बिहार के दो शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 53 पाउच अवैध शराब बरामद की। दोनों आरोपितों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है।
सोमवार को सेवराई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिव प्रसाद पाण्डेय पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर मामा इंटरप्राइजेज मार्ग से भदौरा रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर राजकुमार सिंह पुत्र स्व. राजेन्द्र सिंह, निवासी सममनपुर, थाना सालीमपुर, जिला पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से ब्लू लाइम ब्रांड की 28 पाउच अवैध देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
इससे एक दिन पूर्व सेवराई चौकी पुलिस ने भदौरा रेलवे स्टेशन के समीप मुखबिर की सूचना पर अजीत कुमार पुत्र महेन्द्र सिंह, निवासी नेवड़ा, थाना बिहटा, जिला पटना (बिहार) को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 8 PM Gold ब्रांड की 25 पाउच अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। इस मामले में भी आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की गई।
प्रभारी निरीक्षक गहमर नन्द कुमार तिवारी ने बताया कि, “अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। किसी भी कीमत पर अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में सघन चेकिंग और निगरानी की जा रही है।”

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिव प्रसाद पाण्डेय के अलावा हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, कांस्टेबल रामू कुशवाहा तथा अजय चौहान शामिल रहे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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