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लेखपाल के साथ गली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण में लेखपाल संघ सेवराई का आकस्मिक बैठक

लेखपाल गहमर के साथ गली गलौज व जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण को लेकर लेखपाल संघ सेवराई का आकस्मिक बैठक

 

….हल्का लेखपाल क्षेत्र गहमर का गला दबाने तथा जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण को लेकर विचार विमर्श किया गया…..

 

 

सेवराई। अवगत कराना है कि उ०प्र० लेखपाल संघ उपशाखा सेवराई की आकस्मिक बैठक तहसील अध्यक्ष झिंगुरी राम की अध्यक्षता में आहुत की गयी। बैठक में तहसील सेवराई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार हल्का लेखपाल क्षेत्र गहमर का गला दबाने तथा जान से मारने की धमकी देने के प्रकरण को लेकर विचार विमर्श किया गया।

उक्त घटना जिसमें लेखपाल अमरेन्द्र कुमार क्षेत्र गहमर को न्यायालय तहसीलदार सेवराई से पारित बेदखली आदेश के अनुपालन हेतु राजस्व निरीक्षक द्वारा जारी बेदखली नोटिस का तामीला कराने के दौरान मनोज सिंह पुत्र शम्भु सिंह व रामेशर सिंह पुत्र रामसूरत सिंह निवासीगण गहमर प‌ट्टी खेलू राय द्वारा गला दबाकर जान से मारने की कोशिश किया गया।

इस प्रकरण में धमकी देने की सर्वसम्मति से निन्दा की गई। पीडित लेखपाल द्वारा थाना गहमर पर दिये गये तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल गिरस्तारी करने की मांग की गई। पीडित लेखपाल को तत्काल क्षेत्र से स्थानान्तरण करने की मांग की गयी। न्यायालय द्वारा जारी बेदखली अथवा अन्य कोई भी नोटिस का तामीला लेखपाल से न कराये जाने को मांग की गयी। शासनादेशों का अतिक्रमण कर लेखपालों से अन्य पटल से सम्बद्ध कर अन्य कार्य कराया जा रहा है। जिससे लेखपालों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ है। सम्बद्ध लेखपालो को मूल पद लेखपाल का चार्ज दिलवाने की मांग की गयीं। लेखपालो ने चेतावनी दिया कि दो दिवस में गिरफ्तारी नहीं हुई तथा सत्य निराकरण नहीं कराया गया तो उ०प्र० लेखपाल संघ उपशाखा सेवराई काली प‌ट्टी बांधकर विरोध करने के लिए बाध्य होगी। समाधान न होने पर एक सप्ताह बाद थाना समाधान दिवस तथा संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार तथा दो सप्ताह बाद तहसील सेवराई के वाट्सएष्म ग्रुप से अलग होते हुए अनिश्चित कालीन सम्पूर्ण कार्य बहिस्कार करेंगे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

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