बहुचर्चित आरा मशीन संचालक विनोद गुप्ता हत्याकांड का खुलासा,कमीसन को लेकर हुई थी हत्या

…..जिगरी दोस्त ने जमीन बिक्री के कमिश्न के तौर पर मिले रुपए न देने पर उसने डंडे से पीट कर विनोद की हत्या की…
सेवराई। गहमर कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित आरा मशीन संचालक विनोद गुप्ता की हत्याकांड का खुलासा कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने विनोद गुप्ता के ही एक जिगरी दोस्त को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए जेल भेज दिया। गिरफ्तार हुए अभियुक्त ने बताया कि जमीन बिक्री के कमिश्न के तौर पर मिले रुपए न देने पर उसने लाठी से पीट कर विनोद की हत्या की है।

गहमर थाना क्षेत्र के देवकली गांव के समीप बीते 16 जुलाई को आरा मशीन संचालक विनोद गुप्ता की हत्या हो गई थी। मामले में पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त भोला राजभर (46) पुत्र चंद्रमा राजभर, निवासी भदौरा थाना गहमर ने बताया कि वह मृतक विनोद गुप्ता के माध्यम से अपनी चाची गीता देवी को 15 जुलाई को 14 लाख रुपए में जमीन रजिस्ट्री कराई थी जिसमें से उसे एक लाख रुपये कमीशन के तौर पर मिलने वाला था। आरोपी द्वारा बार-बार अपना पैसा विनोद गुप्ता से मांगा जा रहा था। जिसको देने में विनोद गुप्ता टालमटोल कर रहे थे। घटना की रात पैसा लेने के लिए आरोपी भोला राजभर 10:00 बजे मृतक के आरा मशीन पर गया। जहां विनोद गुप्ता दाहिने करवट करके लेटे हुए थे और भोला राजभर से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दोनो में वाद विवाद हो गया और अभियुक्त पास रखा बॉस का डंडा उठाकर मृतक के बाएं कंधे एवं गर्दन पर प्रहार कर दिया जिससे वह बेहोश हो गया। सर में अंदरूनी गम्भीर चोट लगने और समय से इलाज न मिलने की वजह से विनोद गुप्ता की मौत हो गई। अभियुक्त घटना के बाद दोनों गेट में ताला बंद कर चाबी लेकर फरार हो गया। इस संबंध में कोतवाल अशोक मिश्रा ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोगों से की गई पूछताछ में भोला राजभर का नाम प्रकाश में आया था। जिसे शनिवार की शाम 6:30 बजे देवकली गांव से गिरफ्तार किया गया। जिसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए हत्या में प्रयुक्त बॉस का डंडा जिसे वह आरा मशीन में लकड़ियों के बीच छुपाकर रखा था उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया। इस सम्बंध में आरोपी के विरुद्ध मु0 अ0 स0 109/2024 धारा 103(1)बी एन एस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार करने वाली इस टीम में प्रभारी निरीक्षक गहमर अशोक कुमार मिश्रा,चौकी प्रभारी सेवराई अनूप यादव,का0 नीरज राय, द्वारिका तिवारी,शतीश कुमार, म0 अ0 पूजा सरोज शामिल रहे।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'