दिशा का प्रयास लाया रंग, एक्स्ट्रा हॉस्टल फीस होगी कम हॉस्टल होगा रिन्यू

गोरखपुर (अरुण राय): गोरखपुर विश्विद्यालय के हॉस्टल फीस और एक्स्ट्रा मेस फीस को लेकर छात्राओं के परेशानी दिशा छात्र संगठन के प्रयास से दूर हो गई है। दिशा द्वारा सौंपें ज्ञापन के बाद कुलपति प्रो0 पूनम टंडन ने उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया है।
दिशा छात्र संगठन की अंजली ने बताया कि अलकनंदा छात्रावास में पिछले सत्र में मेस फीस ना जमा करने के आधार पर वार्डेन द्वारा हॉस्टल रिन्यूअल नहीं किया जा रहा था। साथ ही जुलाई में जो छात्राएं हॉस्टल में नहीं रहीं हैं उनसे भी मेस की फ़ीस भुगतान करने को कहा जा रहा था।
अंजलि ने यह भी बताया कि हॉस्टल में नाश्ता नहीं मिलता है और खाने की गुणवत्ता बहुत खराब रहती है जबकि हॉस्टल की फ़ीस 3000 रू प्रति महीना है।
इन सभी समस्याओं को लेकर दिशा छात्र संगठन के बैनर तले छात्राओं ने विश्विद्यालय के कुलपति प्रो० पूनम टंडन को ज्ञापन सौंपा जिसमे हॉस्टल के रिन्यू कराने, पिछले सत्र के उपयोग किए गए मेस की ही फीस देने और जुलाई में मेस का उपयोग ना करने पर उसकी फीस नहीं देने के मांग की गई थी।
छात्रों का प्रतिनिधि मण्डल के कुलपति से मिलने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्राओं का हॉस्टल रिन्यूअल किया जाएगा और अतिरिक्त मेस की फीस नहीं ली जाएगी। इसके अलावा मेस में खाने की गुणवत्ता के लिए लड़कियों की एक कमेटी बनाई जाएगी जो खाने का मेनू तय करेंगी और रोज के खाने की गुणवत्ता चेक करेंगी।
इस प्रदर्शन में अंजलि,सौम्या, स्नेहिल, खुशी, ईशा, क्षमा आदि छात्राएं शामिल हुई।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'