Kushinagar News :कुशीनगर में ‘भागवत’ ग्रंथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भड़की सनातन आस्था

Kushinagar News: In Kushinagar, the person who made objectionable comments on the 'Bhagwat' book was arrested, Sanatan faith flared up on social media

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश: हिंदू धर्मग्रंथ “भागवत” और सनातन आस्था पर सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले नागेंद्र कुमार भारती को कुशीनगर पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कोकिलपट्टी से जुड़ा है, जहां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया।

क्या है मामला?

मंगलवार दोपहर 12 बजे, पुलिस ने कोकिलपट्टी निवासी नागेंद्र कुमार भारती को उसके फेसबुक अकाउंट से की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट के आधार पर गिरफ्तार किया। आरोपी ने भागवत ग्रंथ को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

इस विवादित पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। धार्मिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए विशुनपुरा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

सोशल मीडिया पर उबाल, ट्विटर पर ट्रेंडिंग

घटना सामने आते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया पर इस कृत्य की तीव्र आलोचना की।

  • हिंदू कार्यकर्ता अभिजीत शर्मा ने ट्विटर (अब X) पर कुशीनगर पुलिस को टैग कर मामले की जानकारी दी।

  • वहीं, जिला पंचायत सदस्य गणेश पांडे ने थाने में जाकर लिखित शिकायत दी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

कानूनी कार्रवाई और धाराएं

पुलिस ने नागेंद्र भारती को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आईटी एक्ट और धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जनता की मांग: ऐसे मामलों में हो कड़ी सज़ा

स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की और कहा कि:

“धार्मिक भावनाओं के अपमान पर कानून को सख्ती से पेश आना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति भविष्य में ऐसा करने से पहले सौ बार सोचे।”

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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