Health Report : चार करोड़ लोगों को मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ

Health Report: Four crore people got the benefit of Ayushman Bharat scheme

Health Report(हेमा): आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 5 लाख रुपये के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है। यह आकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 में सामने आए हैं।

आतुष्मान भारत योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायता प्रदान कर रही है।

डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत 50 लाख से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल किए गए हैं। इसके अलावा, लाखों नागरिकों को उनकी व्यक्तिगत हेल्थ आईडी प्रदान की गई है, जिससे इलाज की प्रक्रिया और अधिक सुलभ हो गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रगति

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 5000 से अधिक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और 90% बच्चों को नियमित टीकाकरण के दायरे में लाने में भी सफलता प्राप्त हुई है।
परिवार कल्याण और टीबी उन्मूलन पर जोर
परिवार कल्याण योजनाओं के तहत महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं, तपेदिक (टीबी) उन्मूलन मिशन में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए गए ।

स्वास्थ्य बजट में वृद्धि

स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकारी खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब यह देश की GDP का 2.1% हो गया है। यह दर्शाता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है।

कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
कोविड-19 टीकाकरण अभियान की सफलता को भी रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के बाद स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक मजबूत हों।

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Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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