आरपीएफ हत्याकांड: आरोपी ने दरोगा की छीनी पिस्टल तो पुलिस ने दागी गोलियां

सेवराई।तहसील क्षेत्र के गहमर कोतवाली अंतर्गत बकैनियां और देवकली गांव के समीप विगत मंगलवार को आर पी एफ जवानों की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।

आर पी एफ जवानों के शव मिलने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।इसके लिए पुलिस की कई टीमों ने गुवाहाटी पीडीडीयू जंक्शन पर पूछताछ की थी।आरपीएफ जवानों को चलती ट्रेन से मारकर फेक दिए जाने के मामले में पुलिस ने संयुक्त अभियान के अंतर्गत 4 लोगो को गिरफ्तार किया है।

वही मंगलवार की सुबह घटना स्थल से मृत आरक्षी जावेद का फोन और पर्स बरामद कराने गए आरोपी प्रेमचंद ने एक दरोगा का पिस्टल छीन कर पुलिस के उपर लहराने लगा तो जावबी कारवाई में पुलिस द्वारा उसके पैर में गोली मारकर उसे दबोच लिया गया।

घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की कई टीम कार्य कर रही थी कि इस दौरान विनय कुमार पुत्र राजू प्रसाद निवासी वार्ड न0 01 खगौल रोड नियर बिस्कुट फैक्टरी विकास कालोनी फुलवारी शरीफ पटना, प्रेमचंद्र कुमार पुत्र विरेंद्र वर्मा निवासी भगवतीपुर वजीतपुर, पंकज कुमार पुत्र सालिक राम गिरी निवासी म0न0 88/B नीउरा कालोनी खमखगौल दानापुर बिहार ,विलेन्द्र कुमार पुत्र स्व0 महेंद्र चौधरी निवासी उसरी बाजार शाह पटना बिहार का नाम प्रकाश में आया था।
मुखबिर की सूचना पर एस टी एफ नोएडा इकाई गौतमबुद्ध नगर एवं जीआरपी डीडीयू द्वारा संयुक्त टीम के साथ दिनांक मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था।

इसके संबंध में कोतवाल गहमर द्वारा कड़ाई से पूछताछ में अभियुक्त प्रेमचंद कुमार द्वारा मृतक जवान प्रमोद और जावेद का मोबाइल फोन व पर्स घटनास्थल से बरामद करने की बात कहीं गयी तो पुलिस ने अभियुक्त प्रेमचंद कुमार को साथ लेकर घटनास्थल पर ले गई। जहां पर प्रमोद का शव मिला था उसके आस पास कुछ दूर पर खोजबीन शुरू किया गया।

इसी बीच प्रमोद के शव के पहले डाउन लाइन के बगल झाड़ियों में एक पर्स बरामद हुआ जिसे खोलकर देखा गया जो मृतक जावेद का होना पाया गया। इसी बीच फेके गए दोनों मोबाइल बरामद करने की बात कह ही रहा था कि अभियुक्त द्वारा अचानक उप निरीक्षक सुरेश कुमार मौर्य को एक बारगी धक्का देकर उनके सरकारी पिस्टल छीन कर ट्रैक से नीचे झाड़ियो की तरफ भाग कर पुलिस टीम को निशाना बनाकर जान से मारने की नीयत से फायर करने लगा।
जिस पर पुलिस टीम द्वारा अपना आत्मरक्षा संतुलित जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा फायर किया गया तो बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी। जिसको प्राथमिक उपचार हेतु सी एच सी भदौरा भेजा गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रेमचंद अपने एक दर्जन साथियों के साथ आरपीएफ जवानों की हत्या में शामिल था। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है की आरपीएफ जवानों की हत्या शराब तस्करों द्वारा की गई थी।आरोपी शराब तस्करी के काम में लगे हुए थे और जवानों के हस्तक्षेप के कारण उनकी हत्या कर दी गई।घटना के बाद लोगो में तरह तरह की चर्चाएं चल रही है,हालांकि पुलिस इस मामले में खुल कर कुछ बताने से बच रही है।

मुठभेड़ करने वाली इस टीम में कोतवाल अशोक मिश्र,उ0नि0 विवेक पाठक, उ0नि0 सुरेश मौर्या ,उ0नि0 शिवपूजन बिन्द शामिल रहे।

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