कुशीनगर: नि:क्षय मित्र बनकर क्षयरोगियों को दें भावनात्मक संबल: डॉ. मार्कण्डेय

Kushinagar: Give emotional support to TB patients by becoming a TB friend: Dr. Markandey

कुशीनगर: राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (National TB Elimination Programme) के तहत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (TB Mukt Bharat Abhiyan) के अंतर्गत टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार प्रदान कर उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दिलाने के उद्देश्य से पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार को कसया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC Kasya) के क्षयरोग कक्ष में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंताओं द्वारा 6 क्षयरोगियों में प्रोटीन युक्त पोषण पोटली वितरित की गई।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएचसी कसया के अधीक्षक डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी ने कहा कि “नि:क्षय मित्र” बनकर न केवल क्षयरोगियों को पोषण सहायता दें, बल्कि उनसे भावनात्मक जुड़ाव भी बनाएं। उन्होंने कहा, “हर गोद लिए हुए मरीज की नियमित मासिक निगरानी करें, जिससे मरीजों को यह महसूस हो कि समाज उनके साथ है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।”

कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राहुल सोनी ने कहा कि क्षयरोगियों की सेवा करना एक पुनीत कार्य है। “ईश्वर का धन्यवाद है कि हमें यह अवसर मिला। हम संकल्प लेते हैं कि इलाज की अवधि तक सभी क्षयरोगियों को हर माह पोषण आहार उपलब्ध कराते रहेंगे, ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें।”


Read moe: हाटा (कुशीनगर): हाटा तहसील परिसर से बाइक चोरी, पीड़ित ने पुलिस में दी तहरीर


कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ क्षयरोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक आशुतोष कुमार मिश्र ने किया, जबकि आगंतुकों का स्वागत व आभार प्रदर्शन एसटीएस शाहिद अंसारी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर सहायक अभियंता सूबेदार यादव, मुकेश कुमार वर्मा, विनय कुमार, माया कुमारी, प्रधान सहायक प्रभु यादव, ट्रीटमेंट सपोर्टर अशोक गुप्ता और सैम्पल ट्रांसपोर्टर धनश्याम प्रसाद सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।


हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/DuMQ0U5z85a0bIgrUgUMlU

0
Uttar Pradesh Legislative Assembly Election 2027

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव - 2027 में किसकी सरकार बनेगी?

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

Don't try, this is illigal.