Kushinagar News: 20 साल पुरानी अवैध मस्जिद पर चला हथौड़ा, मुस्लिम पक्ष ने खुद शुरू की तोड़फोड़
कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुहीराज तहसील अंतर्गत गड़हिया चिंतामन गांव में बीस साल पहले सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद और ईदगाह को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कार्य में खुद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और मस्जिद पर हथौड़ा चलाया।
सरकारी जमीन पर बना था अवैध निर्माण
सार्वजनिक रास्ते की जमीन (गाटा संख्या 645 और 648, कुल रकबा 0.010 हेक्टेयर) पर वर्ष 2005 के आसपास गांव के एक व्यक्ति साबिर ने मुस्लिम समुदाय के सहयोग से मस्जिद का निर्माण करवा दिया था। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में ‘रास्ते’ के रूप में दर्ज है।
स्थानीय निवासी की शिकायत पर शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया
गांव के ही निवासी अरविंद किशोर शाही ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार शिकायतें कीं। जब प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने तहसीलदार न्यायालय में वाद दाखिल किया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 27 जनवरी 2025 को तहसीलदार न्यायालय ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए बेदखली का आदेश पारित किया।
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मुस्लिम पक्ष की अपील भी हुई खारिज
मस्जिद पर नोटिस चस्पा किए जाने के बाद मुस्लिम पक्ष ने आदेश के खिलाफ अपर जिलाधिकारी (एडीएम) न्यायालय में अपील दाखिल की। लेकिन 10 जून 2025 को एडीएम कोर्ट ने तहसीलदार के आदेश को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि रास्ते की जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध है।
बुलडोजर कार्रवाई के भय से खुद ही हटाया निर्माण
एडीएम कोर्ट के फैसले के बाद मस्जिद पक्ष ने बुलडोजर चलने की आशंका को देखते हुए स्वयं मजदूरों की मदद से मस्जिद तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया। यह कदम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उठाया गया।
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मुस्लिम पक्ष ने जताया आदेश का सम्मान
मस्जिद निर्माण से जुड़े व्यक्ति साबिर अली ने कहा, “यह मस्जिद सार्वजनिक भूमि पर पूर्वजों द्वारा बनाई गई थी। कोर्ट के आदेश को मानते हुए हमने स्वयं मस्जिद को हटाने का फैसला लिया है।”
वादी का बयान: न्याय की हुई जीत
वादी अरविंद किशोर शाही ने कहा, “हमने लगातार प्रयास किया कि सार्वजनिक रास्ते की जमीन को मुक्त कराया जाए। तहसीलदार और एडीएम दोनों अदालतों से हमें न्याय मिला है। अब मुस्लिम पक्ष ने खुद मस्जिद हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, यह सकारात्मक पहल है।”


