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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को दी बड़ी राहत, सांप के ज़हर केस में ट्रायल कोर्ट पर लगी रोक

Supreme Court gives big relief to YouTuber Elvish Yadav, stays trial court in snake poison case

नई दिल्ली। लोकप्रिय यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे ‘सांप के ज़हर’ मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह मामला पिछले साल नवंबर में वायरल हुआ था, जिसमें एल्विश यादव पर एक पार्टी में सांप और सांप का ज़हर प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगे थे।

क्या है मामला?

2023 में एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह सामने आया कि नोएडा की एक पार्टी में कथित रूप से सांप और उसका ज़हर इस्तेमाल किया गया था। इस वीडियो में एल्विश यादव की उपस्थिति और भूमिका को लेकर पशु प्रेमी संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, और जहरीले पदार्थों से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक

एल्विश यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि जब तक इस मामले में विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक निचली अदालत कोई कार्रवाई नहीं करेगी।

एल्विश यादव की प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद एल्विश यादव के समर्थकों और फैंस ने राहत की सांस ली है। यूट्यूबर की टीम ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “हम न्यायपालिका में पूरा विश्वास रखते हैं और उम्मीद है कि जल्द ही सच सबके सामने आएगा।”


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सोशल मीडिया पर मचा हलचल

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर #ElvishYadav ट्रेंड करने लगा है। फैंस इस फैसले को “सत्य की जीत” और “फ्रेम किए गए केस से राहत” बता रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई गई रोक से एल्विश यादव को अस्थायी राहत तो मिली है, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर होंगी, जहां यह तय होगा कि यह मामला आगे कैसे बढ़ेगा।

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_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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