कुशीनगर: बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान

तमकुहीराज/कुशीनगर) तमकुहीराज कस्बे के वार्ड नंबर 13 शास्त्री नगर (भटवलिया नंबर 1) में बंदरों का आतंक इन दिनों चरम पर है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ये बंदर घरों की छतों पर रखे कपड़े, घरेलू सामान को उठा ले जाते हैं या फाड़कर बर्बाद कर देते हैं।

बंदरों की हरकतें यहीं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भगाने पर ये आक्रामक हो जाते हैं, दांत दिखाकर डराते हैं और कई बार हमला कर देते हैं। अब तक कई बच्चे और बुजुर्ग घायल हो चुके हैं। कुछ बंदर इतने हमलावर हैं कि लोगों को काटकर जख्मी कर चुके हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों की वजह से दिन-रात डर का माहौल बना हुआ है। महिलाएं और बच्चे घर से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। यहां तक कि लोग अपनी छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। बंदर हर दिन कपड़े, खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान नष्ट कर रहे हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि वन विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीण कई बार वन विभाग और प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन बंदरों को पकड़कर जंगल में छुड़वाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों ने अब तहसील एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि इन उत्पाती बंदरों को जल्द से जल्द हटाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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