कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक सुनील कानूगोलू के नेतृत्व में पंजाब विधान सभा चुनाव लडेगी पार्टी

विवेक सिंह की रिपोर्ट
दिल्ली। पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर 2 वर्ष पूर्व ही तैयारी का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी पंजाब में अपनी विजय पताका फहराने के लिए सुनील कानूगोलू के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक सुनील कानूगोलू
कांग्रेस की जीत के लिए 2 वर्ष पहले ही पंजाब में चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।
माना जा रहा है कि जल्द ही पंजाब में अपनी रणनीति के साथ कांग्रेस की नैया पार करने हेतु सुनील कानुगोलू अपनी टीम के साथ उतरने वाले हैं। सुनील क़ानूगोलु कर्नाटक जीत के बाद पंजाब में कांग्रेस के पालनहार होंगे।
गौरतलब हो कि सुनील कानुगोलू, जिनकी रणनीति पर चलकर कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीता। इनके चलते ही कर्नाटक में कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई है। इस जीत का झंडा उठाने के लिए कई हाथ ऊपर की ओर उठे हैं, लेकिन भीड़ के बीच एक शख्स खास तौर पर अपनी ओर ध्यान खींच रहा है, वह शख्स सुनील कानुगोलू हैं। जो कि कर्नाटक में कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक हैं। कर्नाटक के बाद सुनील कानूगोलू अब पंजाब में विजय पताका फहराने की तैयारी में लग सकते हैं।
कर्नाटक विधानसभा के चुनावों के परिणाम आ चुके हैं। कांग्रेस जीत चुकी है और उसने बीजेपी का राज्य से सफाया कर दिया है। इस जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जहां खुशी की लहर है तो वहीं इस जीत को उनके बीच बांटने का सिलसिला भी जारी है, जिनके कारण भारत के इस दक्षिणी राज्य में कांग्रेस की एक बार फिर वापसी हो सकी है। जीत का श्रेय लेने के लिए वैसे नाम और चेहरे तो कई होते हैं।
वर्त्तमान समय मे कांग्रेस के पास भी चेहरों की कमी नहीं है। राहुल गांधी से लेकर, मल्लिकार्जुन खरगे और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार जैसे कई नामों के बीच विजय की भागीदारी बंट सकती है, लेकिन इन सबके बीच एक नाम और चेहरा ऐसा है, जिसके पक्ष में सर्वसम्मति से सभी खड़े होंगे। ये नाम है, सुनील कानुगोलू का, जिन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के लिए रणनीति बनाई और आज के परिणाम की पटकथा लिखी है।
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सुनील कानूगोलू की रणनीतियां को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जहां चर्चाए हैं। वहीं पार्टी कार्यकर्ता भी इनके नेतृत्व में पंजाब में विजय पताका फहराता देख रहे हैं।


