कुशीनगर: अवैध बालू खनन माफियाओं का आतंक, बाढ़ खंड के इंजीनियर से मारपीट

कुशीनगर: जिले के जटहा बाजार थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामला तब और गंभीर हो गया जब ओवरलोड बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने पर बाढ़ खंड के सहायक अभियंता से मारपीट की गई। यह घटना न केवल खनन माफियाओं की दबंगई को दर्शाती है, बल्कि पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े करती है।
घटना का पूरा विवरण
बाढ़ खंड चतुर्थ के सहायक अभियंता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर को मेठ विंध्याचल के साथ कटाई भरपुरवा तटबंध का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर वैकल्पिक मार्ग से जाने की सलाह दी गई। थोड़ी ही देर में दूसरी गाड़ी रोकने पर चालक ने किसी को फोन कर सूचना दी, जिसके बाद 8-10 लोग मौके पर पहुंचे और इंजीनियर से गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। पीड़ित अधिकारी ने मानसिक आघात की बात कही है और भविष्य में अनहोनी की आशंका जताई है।
पुलिस की निष्क्रियता
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के 24 घंटे बाद भी जटहा बाजार पुलिस ने कोई FIR दर्ज नहीं की है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या खनन माफिया पुलिस प्रशासन पर भारी पड़ चुके हैं?
️ खनन माफियाओं का बेलगाम दबदबा
खड्डा तहसील के मदनपुर, भेड़िहारी, भैंसहा, पनियहवा और कटाई भरपुरवा घाटों पर अवैध खनन वर्षों से जारी है। कप्तानगंज, हाटा, कसया और तमकुहीराज जैसे क्षेत्रों में भी यही हाल है। इन क्षेत्रों में बालू का अवैध परिवहन पर्यावरण और तटबंधों के लिए खतरा बन गया है।
तटबंधों की सुरक्षा पर खतरा
पीपी तटबंध कुशीनगर के लोगों के लिए बाढ़ सुरक्षा की जीवनरेखा है। लेकिन लगातार ओवरलोड वाहनों के दबाव से इसकी संरचना कमजोर हो रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रोक नहीं लगाई गई तो तटबंधों की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद आम जनता का कहना है कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। लोगों का आरोप है कि खनन माफियाओं को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, जिससे उनकी गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लग रही।

