Ghazipur: नहीं रहे संगीत का जादू बिखेरने वाले रेवती प्रसाद श्रीवास्तव

Ghazipur: Revati Prasad Srivastava, who spread the magic of music, is no more

संगीत का जादू बिखेरने वाले रेवती प्रसाद श्रीवास्तव अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन से वेलफेयर क्लब परिवार सहित अन्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। वेलफेयर क्लब के पीरनगर स्थित प्रधान कार्यलाय पर शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
मालूम हो कि वेलफेयर क्लब के संस्थापक सुधांशु शिखर के पिता रेवती प्रसाद श्रीवास्तव परिवार के साथ लखनऊ में रहते थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लखनऊ के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बीते बुधवार को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से वेलफेयर के सदस्यों सहित अन्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधान कार्यालय पर शोकसभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।आपको बता दें कि स्व. श्रीवास्तव का जन्म 27अक्तूबर 1942 को हुआ था। वे सिंचाई विभाग से सेवारत थे। वह संगीत प्रेमी और काशी संगीत घराना से थे। नगरी नाट्य मण्डली में स्टेज प्ले अकेला शहर काफ़ी सराहनीय रहा। लता मंगेशकर तथा मुकेश जी के स्टेज शो में भी हारमोनियम पियानो एकॉर्डियन बजाते थे। उनकी उंगलियों का जादू इस कदर था कि हर कोई उनकी संगीत की धुन पर मगन हो जाता था।

उन्होंने जीवन की शुरुवात कमला सर्कस में म्यूजिशियन के रूप में की। उन्हें 1962 में आल इंडिया रेडियो से अवार्ड प्राप्त हुआ था। जनपद गाज़ीपुर में 80 के दशक में आर्केस्ट्रा का शुरुआत ब्लू ब्वायज आर्केस्ट्रा ग्रुप में किया था। 1990 में जिले के सुहासिनी थियेटर में हुए चैताली नाइट के प्रमुख सूत्रधार रहे।
इस अवसर पर क्लब जनपद गवर्नर पवन पांडेय, प्रभारी सचिव रामनाथ कुशवाहा, संयुक्त सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, खेल प्रभारी विनोद मिश्रा, अजय यादव, राम कुमार विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता डा0 शरद कुमार वर्मा ने किया।

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Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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