मुख्यमंत्री गो-संवर्धन योजना 2025: पशुपालक ऐसे पाएं अनुदान

Chief Minister Cow Conservation Scheme 2025: Grant to cattle farmers of Kushinagar

Kushinagar News: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना  के अंतर्गत कुशीनगर जनपद के पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा देने हेतु ₹8 लाख रुपये तक की अनुदान सहायता दी जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविन्द्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत जनपद कुशीनगर में कुल 28 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक इकाई में दो दूधारू स्वदेशी गायों की व्यवस्था की जाएगी।

इस योजना के अंतर्गत प्रति इकाई ₹2 लाख की लागत निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार द्वारा कुल लागत का 40% यानी अधिकतम ₹80,000 का अनुदान सीधे पात्र पशुपालकों को दिया जाएगा।

योजना के प्रमुख लाभ और विशेषताएं

  • प्रति लाभार्थी 2 उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों की खरीद हेतु ₹2 लाख की परियोजना लागत।

  • योजना लागत का 40% यानी ₹80,000 तक का अनुदान।

  • पात्र नस्लें: साहीवाल, थारपारकर, गिर और हरियाणा

  • रोजगार सृजन और दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।

  • लाभार्थियों का चयन 50% महिलाओं और 50% अन्य वर्गों से किया जाएगा।


    Read more: Sidharthnagar: सांसद जगदंबिका पाल ने किया ‘नमो तर्जनी योग मुद्रा’ का लोकार्पण


पात्रता की शर्तें

  • आवेदक जनपद कुशीनगर का स्थायी निवासी हो।

  • उम्र कम से कम 18 वर्ष हो।

  • पशुपालन हेतु पर्याप्त स्थान/शेड की व्यवस्था होनी चाहिए।

  • पूर्व में 2 से अधिक स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायें नहीं होनी चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन  की आधिकारिक वेबसाइट
https://nandbabadugdhmission.up.gov.in
पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन शुरू होने की तिथि: 14 जुलाई 2025
आवेदन की अंतिम तिथि: 13 अगस्त 2025


हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/DuMQ0U5z85a0bIgrUgUMlU

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

Don't try, this is illigal.