नीला ड्रम को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया चर्चा का विषय

News Desk (संजना सिंह): बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मेरठ में हाल ही में हुए सौरभ हत्याकांड को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद “नीला ड्रम” देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। शास्त्री ने इसे संस्कारों की कमी का परिणाम बताते हुए कहा कि विवाह के बाद भी किसी अन्य पुरुष या स्त्री के प्रति आकर्षण का बढ़ना नैतिक मूल्यों के पतन को दर्शाता है।
संस्कारों की कमी को बताया मुख्य कारण
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस तरह की घटनाओं के बढ़ने का कारण परिवार में संस्कारों की कमी बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार का बेटा या बेटी ऐसे कृत्यों में लिप्त हो रहे हैं, तो इसका मतलब है कि पालन-पोषण में कमी रही है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस को जीवन का आधार बनाना जरूरी है, ताकि संस्कारों की रक्षा हो सके और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर जोर
पत्रकार वार्ता के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है, लेकिन इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठीक उसी तरह, जैसे दुबई और UAE में मुस्लिमों को प्राथमिकता दी जाती है, वैसे ही हिंदू राष्ट्र में सनातन धर्म को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद को अपनाना ही देश के उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्होंने रामचरितमानस आधारित जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि इससे समाज में जात-पात और भेदभाव खत्म होगा।
विधर्मियों के नामोनिशान मिटाने की अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने इतिहास में भारत को तोड़ने आए आक्रांताओं के नामोनिशान मिटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “औरंगजेब कभी महान नहीं हो सकता” और भारत में जितने भी विदेशी आक्रमणकारी आए, उनके नाम मिटाने की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा, “अभी तक कहा जाता था कि ‘अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’, लेकिन अब हम कहेंगे कि संभल, काशी और मथुरा तीनों बाकी हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि “शांति की जगह क्रांति का पाठ पढ़ाया जाए।”
क्या है सौरभ हत्याकांड?
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में एक महिला द्वारा अपने पति की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया था। यह घटना समाज में नैतिक पतन और आपराधिक मानसिकता को उजागर करती है, जिससे देशभर में सनसनी फैल गई थी।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान का असर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर हिंदू राष्ट्र और भारतीय संस्कृति को लेकर बहस छिड़ गई है। उनके समर्थक उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि विरोधी इसे विवादास्पद करार दे रहे हैं।


