पत्रकार आलोक पराड़कर की पत्नी सकुशल एक दिन बाद मिलीं, मानसिक हालत खराब

हिंदी पत्रकारिता के भीष्म पितामह माने जाने वाले विष्णु पराड़कर के पौत्र आलोक पराड़कर ने फेसबुक पर भी पत्नी के लापता होने की बात लिखी थी। पत्नी के मिलने के बाद आलोक ने सभी का शुक्रिया अदा किया है।

News Desk : वरिष्ठ पत्रकार और लेखक आलोक पराड़कर की पत्नी रीना पराड़कर शनिवार को मिल गई। खुद आलोक पराड़कर ने फेसबूक पर पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी है।

वरिष्ठ पत्रकार व बहुचर्चित लेखक आलोक पराड़कर की पत्नी रीना पराड़कर शुक्रवार दोपहर से लापता हो गईं थी। वह अपनी बेटी को अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में छोड़कर कार से विपुलखंड स्थित घर लौट रहीं थीं। रास्ते में उन्होंने पति को फोन मिलाया, उन्हें फोन पर पत्नी की हल्की चीख सुनाई पड़ी और फोन कट गया। दोबारा कॉल करने पर फोन स्विचऑफ आने लगा।

आलोक ने आनन-फानन में घटना की सूचना अपने कुछ साथियों को दी। फिर गोमतीनगर थाने पर फोन किया। उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी को फोन कर मामले में मदद मांगी। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंपी। क्राइम ब्रांच ने रीना के आने-जाने वाले रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। कार में सवार रीना लेखराज चौराहे के पास अंतिम बार नजर आई। लेकिन उसके बाद भी उनका पता नहीं चल पाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गोमतीनगर थाना पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी और उन्हें ढूंढने के लिए विशेष टीमें गठित की गई जिसके बाद रीना पराड़कर मिली। हालांकि उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही है।

विष्णु पराड़कर की पौत्रवधु हैं लापता रीना

हिंदी पत्रकारिता के भीष्म पितामह माने जाने वाले विष्णु पराड़कर के पौत्र आलोक पराड़कर ने फेसबुक पर भी पत्नी के लापता होने की बात लिखी। जिस पर काफी संख्या में लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए रीना के सकुशल होने की प्राथना की थी। लोगों ने पुलिस प्रशासन से भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी।

Chandan Sharma

चन्दन शर्मा पत्रकार (Chandan Sharma Journalist) पिछले 10 सालों से मीडिया में एक्टिव हैं। उन्होंने खबर हलचल न्यूज के साथ काम करना शुरू किया और बाद में "द सर्जिकल न्यूज" नामक अपना खुद का समाचार पोर्टल और यूट्यूब चैनल शुरू किया। द सर्जिकल न्यूज का 5 साल तक सफलतापूर्वक संचालन किया। डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय पत्रकारिता में स्नातकोत्तर के दौरान शुरू हुए "जन स्वराज हिंदी" के संस्थापक सदस्य हैं। पत्रकारिता में परास्नातक चंदन शर्मा को डिजिटल न्यूज़, टेक्नॉलॉजी, ग्रामीण रिपोर्टिंग, रिसर्च पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक समाचार और वायरल न्यूज में दिलचस्पी है।

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