रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई,वर्षा और तेज हवाओं के कारण धान की फसलें गिरी
सेवराई। स्थानीय क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पर बारिश कहर बनकर टूटी है। अधिकांश खेतों में धान की बालियाँ निकल चुकी हैं, ऐसे में लगातार हो रही वर्षा और तेज हवाओं के कारण फसलें गिर


गई हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल की बालियां निकल चुकी हैं कुछ फूला तो कुछ दुधा व कुछ अगेती फसल कटाई के कगार पर थी। लेकिन लगातार हो रही वर्षा के चलते खेतों में पानी भर गया है और फसलें जमीन पर गिर गई हैं। जिन खेतों में फसल गिरी हुई है, वहाँ बालियों के पईया व अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे धान की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर विपरीत असर पड़ेगा।
स्थानीय किसान संजय सिंह,रजनीकांत सिंह, अवधेश सिंह, मान्धाता यादव,इबरार खान,खालिद खान,जब्बार खान आदि ने बताया कि इस बार मौसम ने आखिरी समय पर धोखा दे दिया। बालियाँ निकल चुकी थीं, बस कुछ ही दिनों में कटाई शुरू करने योग्य हो रही थी थी। अब फसल गिरने से आधी पैदावार भी मुश्किल लग रही है। खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे फसल सड़ने का भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
लगातार हो रही वर्षा ने जहाँ तापमान में गिरावट लाकर मौसम को ठंढा बना दिया है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। अगर मौसम जल्द नहीं खुला, तो इस बार धान की पैदावार में भारी गिरावट तय मानी जा रही है।


