राजमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का हुआ आयोजन

सेवराई। तहसील क्षेत्र के भदौरा ब्लाक परिसर स्थित नव निर्मित सभागार कक्ष में राजमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। “राजमाता अहिल्याबाई होल्कर धर्म, करुणा और सिद्धि की प्रतीक हैं।

महिला सम्मेलन के दौरान महिलाओं को सम्बोधित करते हुए पूर्व जमानिया विधायक सुनीता सिंह ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर केवल राजमाता नहीं थीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए काम करने वाली एक जागृत सेविका थीं। काशी से रामेश्वर तक उन्होंने मंदिर, घाट, कुएं और धर्मशालाएं बनवाईं – वे केवल इमारतें नहीं थीं, बल्कि संस्कृति के स्तंभ थे। उनके काम का दायरा केवल शासन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें धर्म, न्याय और मानव सेवा के मूल्य भी शामिल थे। आज हम ऐसी आदर्श नारी शक्ति को नमन करते हैं क्योंकि अहिल्याबाई दिव्यता और नेतृत्व की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं।

एडियो आईएसबी जगदीश केशरी ने कहाकि आज की महिला अबला नहीं है अगर वह सच्चे मन से किसी काम को करने के लिए ठान ले तो निश्चित रूप से उसको सफलता मिलेगी। शासन द्वारा भी महिला उत्थान एवं उसके सशक्तिकरण के लिए विभिन्न प्रकार के अभियान और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ब्लॉक मिशन प्रबंधक सुनीता सिंह ने कहा कि आज ग्रामीण अंचल की महिलाएं समूह से जुड़कर न सिर्फ अपने हुनर और प्रतिभा को निखार रही हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। इस दौरान बेहतर कार्य करने के लिए कई समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया ।इससे पूर्व ब्लाक मिशन प्रबंधक कौशल कुमार एवं अन्य ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सुनीता सिंह को बुके भेंटकर स्वागत सम्मान किया।

इस मौके पर एडियो समाज कल्याण दिव्यांशु राय, समूह से अफसरी खातून, संजू देवी, सगुफ्ता खातून, पिंकी देवी, सपना, पूनम, जिटल, शशिकला, संगीता, फरजाना, कनीज फातमा, जिया, डालमि देवी, चन्दन, ममता, रुकसाना, गुड़िया, सन्तनी देवी, सरोज, वंदना आदि लोग मौजूद रहे।

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