तहसील परिसर में 15 से 17 दिसंबर तक पूर्व सैनिकों का शांतिपूर्ण धरना


सेवराई। तहसील क्षेत्र के पचोखर गाँव निवासी पूर्व सैनिक दुर्गा प्रसाद गुप्ता के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज़ भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति जबुरना ने 15 से 17 दिसंबर तक तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरना देने की घोषणा की है। इस संबंध में समिति ने उपजिलाधिकारी को पत्रक देकर चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया तो पूर्व सैनिक मेडल वापस करते हुए धरने में शामिल होते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समिति ने आरोप लगाया है कि दिलदारनगर बाजार वार्ड नंबर-5 से जुड़े प्रकरण में लेखपाल और कानूनगो को निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पत्रक में बताया गया है कि दिलदारनगर के चेयरमैन की पत्नी ने कथित तौर पर अपने पति के पद और प्रभाव का उपयोग कर 1127 वर्ग फीट की रजिस्ट्री कराई, जबकि पूरे 2300 वर्ग फीट मकान पर जबरन कब्जा किया गया है। संगठन के पत्र के बाद भी जांच या कार्रवाई न होने से पूर्व सैनिकों में आक्रोश बढ़ रहा है, जिसके चलते समिति तीन दिवसीय धरने के लिए बाध्य हुई है। समिति ने तहसील परिसर में धरना आयोजित करने की अनुमति भी मांगी है।
समिति अध्यक्ष कैप्टन सुधाकर सिंह (से.नि.) ने कहा कि पूर्व सैनिक के साथ हो रहे “लगातार अन्याय” से सैनिकों में रोष है। यदि समय रहते समाधान नहीं मिला, तो सैकड़ों पूर्व सैनिक मेडल वापस कर बड़े आंदोलन के लिए तैयार होंगे। मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'