चैत्र नवरात्रि में भक्ति की अलौकिक छटा! मां कात्यायनी की पूजा से गूंजा कामाख्या धाम

सेवराई ।(गाजीपुर)
चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधिवत पूजा-अर्चना ने पूर्वांचल के प्रसिद्ध शक्ति पीठ मां कामाख्या धाम मंदिर को भक्तिमय बना दिया।
देवी को लाल वस्त्र धारण कराए गए और शहद व केसर से युक्त भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की आराधना कर अलौकिक सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर में दुर्गा सप्तशती का सामूहिक पाठ कर देश और समाज की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
सुबह से शाम तक मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजता रहा। भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और चारों ओर श्रद्धा का सैलाब बहता दिखा। मंदिर के पीठाधीश्वर महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि आज लगभग 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया।
मंदिर समिति ने सप्तमी, अष्टमी और नवमी को संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से कर ली हैं। खासतौर पर अष्टमी की रात होने वाली निशा आनंदित पूजा की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। अष्टमी को सुबह से देर रात तक मंदिर में भक्तों का सैलाब रहने की उम्मीद है।
महंत आकाश राज तिवारी ने पुराणों का हवाला देते हुए कहा, “मां दुर्गा की व्रत-पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मां कात्यायनी की भक्ति से मनुष्य को अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष — चारों फलों की प्राप्ति आसानी से हो जाती है।”
नवरात्रि के इन पावन दिनों में मां कामाख्या धाम पूरे पूर्वांचल के भक्तों का प्रमुख आस्था केंद्र बना हुआ है। आगामी दिनों में और भी अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

