गांव में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरने के लिए ग्रामीण मजबूर

नगसर  ।  विकासखण्ड रेवतीपुर के ग्राम सभा गगरन  के संजय कुशवाहा, धनंजय कुशवाहा, जयप्रकाश , अर्जुन  राम अशीष, नन्दलाल , अवधेश ,रामधीरीज, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश , सुरेन्द्र , आदि गांव निवासीयों को बरसात के मौसम में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।इन  घरों के छोटे से बड़े बच्चोंको स्कूल जाने  में बरसात के गन्दे पानी कीचड़ का सामना करना पड़ता है। गांव में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण, बारिश के दौरान गांव के रास्तों पर गंदा पानी भर जाता है, जिससे कीचड़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस स्थिति ने ग्रामीणों के जीवन को कठिन बना दिया है, क्योंकि उन्हें कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा जल निकासी के रास्ते में नाली को ऊंचा करने से यह समस्या उत्पन्न हुआ है लगभग दो साल हो गए अब तक इस गली में कोई कार्य नहीं हुआ। इस समस्या का समाधान न होने से वे अपने घरों से निकलने में भी असमर्थ हैं। जैसे गांव के निवासियों ने बताया कि बारिश के दौरान जलभराव के कारण उनके रोजमर्रा के कामकाज में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके अलावा, लगातार पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। गांव के लगभग 15 से  20 घर इस जलभराव से प्रभावित हो रहे हैं, और स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं कम्पोजीट विद्यालय गगरन के प्रधानाध्यापक जावेद ने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा इस विद्यालय  में भी कयी बार मेंटीनेंस और मिट्टी कार्य कागज में खाना पुर्ती कर पैसा खा रहे हैं कहीं कोई कार्य नहीं किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी रोहित कुमार से पुछने पर बताया कि ऐसा कोई सिकायत नहीं है अगर रास्ते में पानी भर जा रहा है उस समस्या का समाधान बहुत जल्द ही करा दिया जाएगा। लेकिन विद्यालय में कार्य नहीं किया गया और पैसा उतर गया इस पर कोई जवाब नहीं दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में प्रधान और सरकारी कर्मचारी के मिली भगत से लूट का बल्ले बल्ले हो गया है।

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