क्रांतिज्योती माता सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया

सेवराई (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के देवकली स्थित ऐतिहासिक बौद्ध बिहार में रविवार को महान समाज सुधारिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और नारी शिक्षा की ज्योति क्रांतिज्योती माता सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। इस भव्य समारोह में जनपद गाजीपुर के लोकप्रिय सांसद श्री अफजाल अंसारी मुख्य अतिथि तथा जमानिया विधायक श्री ओमप्रकाश सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट अशोक द्वार पर स्थित शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम सिंह कुशवाहा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि सांसद अफजाल अंसारी एवं विशिष्ट अतिथि विधायक ओमप्रकाश सिंह ने संयुक्त रूप से भगवान बुद्ध की पावन प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मौजूद भक्तों और श्रद्धालुओं ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन दर्शन को नमन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अफजल अंसारी ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष, नारी शिक्षा में अद्वितीय योगदान, विधवा-विवाह प्रोत्साहन, दलित-शोषित वर्गों के उत्थान और सामाजिक समानता की दिशा में उनके क्रांतिकारी कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जमानिया विधायक ओम प्रकाश सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए माता सावित्री बाई फुले के विचारों को आज के युग में भी प्रासंगिक और प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में जब महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, तब उन्होंने पत्थरों-गंदगी का सामना करते हुए पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया और समाज में जागृति पैदा की।
वही आयोजकों ने मुख्य अतिथि सांसद अफजाल अंसारी एवं विशिष्ट अतिथि विधायक ओमप्रकाश सिंह का माल्यार्पण, बुके तथा अंगवस्त्र भेंट कर गर्मजोशी से सम्मानित किया। दोनों नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे।पूर्व मंत्री उमाशंकर कुशवाहा,जनक कुशवाहा,ग्राम प्रधान रामप्रवेश कुशवाहा, उपेंद्र कुशवाहा,
रौशन मौर्या, प्रधान प्रतिनिधि संतोष यादव,
तौकीर खान, नस्सन खान,नौशाद अहमद, इम्तियाज अंसारी, जगेश्वर कुशवाहा,महेंद्र मौर्या, हरिकेश मौर्या जग नारायण मौर्या, प्रेम नारायण, सतीश गुप्ता, जनार्दन राय, देव शरण बौद्ध, अरुण गुप्ता, अरशद हुसैन,जमशेद खान,भंते ज्ञान प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि यह आयोजन न केवल माता सावित्रीबाई फुले को याद करने का माध्यम बना, बल्कि शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के संदेश को नए सिरे से मजबूत करने का अवसर भी प्रदान किया।
यह कार्यक्रम गाजीपुर जिले में बौद्ध समुदाय और सामाजिक सुधारकों के बीच एकता व जागरूकता का अनुपम उदाहरण साबित हुआ। माता सावित्रीबाई फुले के आदर्श आज भी लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

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