फ़ैक्ट्री के गंदे पानी से कॉलोनी वासी परेशान, प्रशासन से की कार्यवाई की माँग

Colony residents are troubled by the dirty water from the factory and demand action from the administration.

गोरखपुर: शहर के मानबेला खान मड़ैया, वार्ड संख्या-5 स्थित मोर्या टोला के कॉलोनीवासियों ने गुरुवार को अवैध नाली निर्माण एवं सड़क को नुकसान पहुंचाए जाने के विरोध में प्रेस वार्ता कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

कॉलोनीवासियों ने बताया कि उनकी कॉलोनी की सड़क लगभग 10 फीट चौड़ी है तथा पहले से एक तरफ नाली बनी हुई है, जो क्षेत्र के लिए पर्याप्त है। आरोप है कि पास स्थित अग्रहरि बॉटल फैक्ट्री द्वारा लगातार गंदा पानी सड़क पर छोड़ा जा रहा है, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पार्षद एवं पुलिस चौकी स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। आरोप है कि अब फैक्ट्री प्रबंधन सड़क की दूसरी तरफ नई नाली निर्माण कराने का दबाव बना रहा है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाएगी और कॉलोनीवासियों को आने-जाने में गंभीर समस्या उत्पन्न होगी।


Read more: भदौरा ब्लॉक के नए भवन निर्माण की तैयारी तेज, मिट्टी परीक्षण शुरू


कॉलोनीवासियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी नगर आयुक्त और महापौर को भी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

प्रेस वार्ता में कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्री के गंदे पानी को सड़क पर छोड़े जाने पर तत्काल रोक लगाई जाए, पहले से बनी नाली को व्यवस्थित किया जाए तथा नई नाली निर्माण की योजना को निरस्त किया जाए। साथ ही बिना कॉलोनीवासियों की सहमति के किसी प्रकार का निर्माण कार्य न कराने की मांग की गई।

प्रेस वार्ता
प्रेस वार्ता

निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं जनसुनवाई के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित विभाग की होगी।

0
Uttar Pradesh Legislative Assembly Election 2027

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव - 2027 में किसकी सरकार बनेगी?

Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

Don't try, this is illigal.