गेहूं क्रय केंद्र खुलने के बाद भी बोरे की अभाव में खरीदारी ठप,किसानों में आक्रोश

 

सेवराई (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों के संचालन को लेकर प्रशासनिक दावे जमीनी हकीकत पर खरे नहीं उतर रहे हैं। केंद्रों पर बैनर और कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद किसानों को “बोरा उपलब्ध नहीं है” का हवाला देकर वापस लौटाया जा रहा है। इससे आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें अपनी उपज निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में गेहूं बेचने पर प्रति कुंतल 300 से 350 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है।

समस्या से क्षुब्ध सैकड़ों किसानों ने भारतीय किसान यूनियन सेवराई इकाई के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी संजय यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्रय केंद्रों पर तत्काल गेहूं खरीद शुरू कराने के साथ ही क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत और कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की गई।

किसान नेता भानुप्रताप सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और गैस की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा और बड़े किसान नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।

युवा समाजसेवी रंगनाथ सिंह ने भी किसानों के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकारी क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी पर कार्रवाई की मांग की।

वहीं उपजिलाधिकारी संजय यादव ने किसानों को आश्वस्त किया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और जल्द ही क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुधारकर गेहूं खरीद शुरू कराई जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान रंगनाथ सिंह, विशाल सिंह, शिवम सिंह, बिहारी सिंह, रविशंकर सिंह, पम्मू सिंह, सुभाष यादव, सूबेदार यादव, माना उपाध्याय, वेंकटेश्वर सिंह, पिंटू पांडेय, गोलू पाठक, मुन्ना सिंह, रजनीकांत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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