Gorakhpur NewsLatest NewsSahitya

Gorakhpur News : इंडिया पोएट्री हाउस की 6वीं वर्षगांठ पर गोरखपुर में काव्य उत्सव-2025 का भव्य आयोजन

गोरखपुर। इंडिया पोएट्री हाउस की 6वीं वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को गोरखपुर में काव्य उत्सव-2025 का भव्य आयोजन किया गया। साहित्य, कला और संस्कृति से सराबोर इस कार्यक्रम में शहर का सभागार साहित्य प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।

इस काव्योत्सव में हर आयु वर्ग के कवि, रचनाकार और क्रिएटर्स ने मंच पर अपनी भावनाओं को प्रभावी शब्दों में पिरोकर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान कलम, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उभरते नवोदित कवियों से लेकर वरिष्ठ साहित्यकारों तक, सभी ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं की भरपूर वाहवाही लूटी। दर्शकों ने भी पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ कार्यक्रम का आनंद उठाया।

पिछले छह वर्षों में इंडिया पोएट्री हाउस पूर्वांचल के एक सशक्त साहित्यिक मंच के रूप में उभरा है। संस्था ने सैकड़ों ओपन माइक आयोजनों के माध्यम से नवोदित रचनाकारों और कवियों को मंच प्रदान किया है। काव्य उत्सव-2025 इसी रचनात्मक यात्रा का शानदार उत्सव बनकर सामने आया।

कार्यक्रम का संचालन अंकुर मौर्य ने किया। उन्होंने कहा-
“हमारा उद्देश्य हर आवाज़ को मंच और हर भावना को सम्मान देना है। साहित्य की यह यात्रा आगे भी हमारी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ आगे बढ़ती रहेगी।”

यह आयोजन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक क्षण लेकर आया, बल्कि गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान को भी और अधिक सशक्त और समृद्ध बना गया।

Read Also: Smriti Mandhana : स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी रद्द, महिला क्रिकेटर ने इंस्टाग्राम स्टोरी से दी बड़ी जानकारी

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

PREM SHANKAR PANDEY

प्रेमशंकर पांडेय काे पत्रकारिता में 8 वर्षों का अनुभव है। इन्हें सभी क्षेत्र की खबरें लिखने का तरीका मालूम है।

Don't try, this is illigal.