नहीं मिल पाया मातृत्व वंदन योजना का लाभ, महिला की शिकायतों का नहीं हो रहा समाधान

महराजगंज (प्रफुल्ल गुप्ता): गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए चल रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 दो विभागों के चक्कर में फंसी हुई है।
वंदना योजना को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को दे दिया गया है। नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत शीशगढ़ टोला खैरटवां निवासी पूनम प्रजापति ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज किए अपने शिकायत में पूनम ने लिखा है कि बीते वर्ष उसकी पहली डिलेवरी महराजगंज जिला महिला अस्पताल में हुआ। उसने आशा के माध्यम से मातृत्व वंदन योजना के लिए फार्म भरा सारी औपचारिकताएं पूरी की परंतु आज तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल सका।

आरोप है कि उसका बच्चा एक वर्ष का हो गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार तमाम प्रकार की कमियां बता कर टाल मटोल कर महिला को परेशान कर रहे हैं। एक वर्ष से अधिक समय बीत गया लेकिन अबतक उसे मातृत्व वंदन योजना का लाभ नहीं मिल सका है।पीड़ित महिला ने इस संबंध में तीसरी बार मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ दिलाने की मांग किया है।
पूनम प्रजापति ने बताया कि तीसरी बार उसने लाभ दिलाने के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। यदि इसके बाद भी उसे लाभ से वंचित किया गया और जल्द ही वह मातृत्व वंदन योजना से लाभान्वित नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री जनता दरबार में उपस्थित होकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी।
क्या है मातृ वंदना योजना?
यह योजना गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार के लिए शुरू किया गया है। इसमें महिलाओं के वित्तीय सहायता दिया जाता है। इसमें पहले बच्चे के जन्म पर गर्भावस्था में पंजीकरण कराने पर 3000 रुपये व बच्चे का जन्म पंजीकरण कराने पर 2000 रुपये दिया जाता है। दूसरे बच्चे के जन्म व बालिका पैदा होने पर 6000 रुपये दिया जाता है। इसका लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। साथ में जरूरी प्रमाणित दस्तावेज भी जरूरी है।


