लेखपाल संघ ने एसडीएम सेवराई को सौंपा पत्रक

 

 

सेवराई। लेखपाल प्रभाकर पांडे के द्वारा घूस लेने के दौरान एंटी करप्शन टीम के द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर लेखपालों में आक्रोश व्याप्त है। लेखपालों ने प्रमुख सचिव गृह को संबोधित ज्ञापन और जिलाधिकारी को सौंपते हुए लेखपाल को निराधार ही फसाने की शिकायत की है एवं मामले में उचित कार्रवाई के मांग किया है।

दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि लेखपाल राजस्व विभाग का फील्ड कर्मचारी है जिसका सम्वन्ध जनता से सीधे होता है। जनता की भूमि विवाद सहित अधिकांश समस्याओं से सम्बन्धित संदर्भ निस्तारण हेतु लेखपाल के पास ही आते हैं। दो पक्षों के विवाद के निस्तारण सम्वन्धी की गयी कार्यवाही से किसी एक पक्ष का असंतुष्ट होना स्वाभाविक है। पंचायत / विकास विभाग की विविध योजनाओं हेतु भूमि उपलब्ध कराने एवं अवैध अतिक्रमण की स्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही से भी अतिचारी/प्रभावित व्यक्तियों के परिवार लेखपाल से दुश्मनी ठान लेता है और लेखपाल को क्षेत्र की राजनीति में घसीटने का भी प्रयास किया जाता है। इस प्रकार विधि विरूद्ध कार्य कराने में असफल एवं विविध कारणों से असंतुष्ट व्यक्ति लेखपालों के खिलाफ साजिश करके एण्टी करप्शन टीम द्वारा पकड़वाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।

एण्टी करप्शन कार्यालय द्वारा सामान्य शिकायत के आधार पर वास्तविक तथ्यों का परीक्षण किए बगैर शिकायतकर्ता को उकसाकर स्वयं बोल बोल कर शिकायती प्रार्थनापत्र लिखवाया जाता है और प्री ट्रैप जांच की कागजी औपचारिकता कर उसी दिन अथवा अगले दिन लेखपाल को फंसाने के विविध प्रयास करके गिरफ्तार कर लिया जाता है। उप्र लेखपाल संघ भ्रष्टाचार का विरोधी है। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार पर रोक लगाया जाना स्वच्छ प्रशासन एवं कल्याणकारी राज्य के लिए आवश्यक है किन्तु टार्गेट पूरा करने अथवा जनसामान्य में सरकारी कर्मचारियों की छवि खराब करने के उद्‌देश्य से किसी भी लेखपाल/कर्मचारी को साजिशन फंसाया जाना अथवा सामान्य शिकायत मात्र के आधार पर जबरन गिरफ्तार किया जाना कर्मचारी एवं उसके परिवार के भविष्य को वर्वाद करने जैसा बड़ा पाप है। वर्षों तक मुकदमा ट्रायल के पश्चात आरोप मुक्त होने के बावजूद कर्मचारीः पर लगा कलंक / सामाजिक प्रतिष्ठा एवं आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना तथा विभाग की धूमिल हुई छवि की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाती है।

Don't try, this is illigal.