Gorakhpur News : प्रोफेसर रईस अनवर की दो किताबों का हुआ विमोचन
प्रोफेसर रईस अनवर ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में उर्दू विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके हैं।
News Desk (अनूप कुमार पटेल): डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को प्रोफेसर रईस अनवर की दो किताबों “बंगाल के उर्दू तज़करे” और “गुलाम अली रासीख अज़ीमाबादी” का विमोचन हुआ। प्रोफेसर रईस अनवर ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में उर्दू विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके हैं।
इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष प्रो0 एम रहमान ने प्रो0 रईस अनवर का स्वागत करते हुए उन की पुस्तकों पर प्रकाश डाला। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो0 एम0 रहमान ने कहा कि ये दोनों पुस्तकें शोध और आलोचना के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण ओर प्रासंगिक है।
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विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर रईस अनवर ने विभाग के शोधार्थियों और छात्र एवं छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने ने छात्र एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग भाषा और साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं। आप लोगों की कामयाबी से ही विभाग का नाम रौशन होगा।
इस कार्यक्रम में विभाग के सहायक आचार डॉ0 महबूब हसन और डॉ0 साजिद हुसैन अंसारी ने भी दोनों पुस्तकों पर अपने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थियों के अलावा स्नातक और परास्नातक के छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहें।
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_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'