कुशीनगर: श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालु भावविभोर, कृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन

हाटा/कुशीनगर: कुशीनगर जिले के हाटा ब्लॉक अंतर्गत मुंडेरा उपाध्याय गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन रविवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
कथा वाचन कर रहे श्रीधाम वृंदावन के आचार्य विश्वेश मणि उपाध्याय उर्फ पंकज जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए माखन चोरी, गोवर्धन पूजा और कृष्ण की बाल सखाओं के प्रसंगों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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कथा के मुख्य यजमान स्व. परमहंस सिंह की धर्मपत्नी राजकुमारी देवी थीं। कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को ध्यान से सुना और भक्ति में लीन हो गए।
गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन
कथा वाचक ने बताया कि जब इंद्रदेव ने बृजवासियों पर मूसलधार वर्षा की, तब श्रीकृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका अंगुली पर उठाए रखा, जिससे गोप-गोपिकाएं उसकी छांव में सुरक्षित रहे। इसके बाद श्रीकृष्ण ने अन्नकूट उत्सव मनाने की परंपरा शुरू की, जो आज भी गोवर्धन पूजा के रूप में मनाई जाती है।
माखन चोरी की लीला से गूंज उठा पंडाल
माखन चोरी की कथा सुनाते हुए आचार्य पंकज जी ने बताया कि बचपन में श्रीकृष्ण ने अपने मित्रों के साथ योजना बनाकर गोपियों के घरों से माखन चुराया और उसे सभी के साथ मिलकर खाया। उन्होंने कहा, “जिसके घर से माखन चुराया जाता, उसी के द्वार पर बैठकर उसे खाना श्रीकृष्ण को सबसे प्रिय था।”
कथा के दौरान भक्तगण श्रीकृष्ण के नटखट बाल स्वरूप की झलकियों से भाव-विभोर हो उठे।
भक्तों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं। कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्तों की संख्या में वृद्धि हो रही है। श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी कथाएं श्रोताओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान कर रही हैं।
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