कुशीनगर में नायब तहसीलदार पर घूसखोरी का आरोप, अधिवक्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
कुशीनगर: तमकुहीराज तहसील में तैनात नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। तहसील बार संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह पटेल ने वर्मा पर फाइलों के निस्तारण के बदले अधिवक्ताओं से धन की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला अब तहसील से निकलकर न्याय व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा है।
गुरुवार को दोपहर 4 बजे, तमकुहीराज तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का विरोध अचानक तेज हो गया। बार संघ अध्यक्ष ने प्रेस को जारी वीडियो में बताया कि कुंदन वर्मा द्वारा एक-एक फाइल के निस्तारण के लिए अधिवक्ताओं से ₹50,000 से ₹1,00,000 तक की मांग की जा रही है। जब अधिवक्ता इसका विरोध करते हैं, तो वह सीधे पक्षकारों से संपर्क कर अवैध लेनदेन करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार के न्यायालय में तैनात दो निजी मुंसी इस घूसखोरी में सहायक की भूमिका निभा रहे हैं। इन मुंसीयों के माध्यम से ही पैसों का लेनदेन हो रहा है, जिससे न्याय की प्रक्रिया पर गहरा प्रश्नचिह्न लग गया है।
बार संघ अध्यक्ष का दावा है कि करीब 50 अधिवक्ताओं ने निजी तौर पर यह शिकायत की है कि नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा ने उनसे फाइलों के निस्तारण के लिए पैसे मांगे हैं। इसको लेकर अधिवक्ता वर्ग बेहद आक्रोशित है और अब आंदोलन की चेतावनी भी दे दी गई है।
वादकारियों की भी बढ़ी चिंता
इस प्रकरण पर वादकारियों ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए ताकि न्याय प्रणाली की गरिमा बनी रहे।
नायब तहसीलदार की सफाई
वहीं, नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि यह उनके विरुद्ध एक साजिश है, और वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।


