Kushinagar News: कुशीनगर में बहुदेशीय हब निर्माण अटका, विधायक ने SDM से की मुलाकात

Kushinagar News: Construction of multi-national hub stuck in Kushinagar, MLA met SDM

कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): जिले के रजवटिया गांव में बनने वाले बहुदेशीय हब (Multifunctional Hub) का निर्माण भूमि विवाद के चलते फिलहाल अटका हुआ है। इस परियोजना के समाधान हेतु फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने सोमवार दोपहर 1 बजे तमकुहीराज की SDM आकांक्षा मिश्रा से मुलाकात की और स्थिति की समीक्षा की।

क्या है बहुदेशीय हब परियोजना?

यह महत्वाकांक्षी हब कुशीनगर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रस्तावित है। इसमें शामिल हैं:

ट्रामा सेंटर

स्पोर्ट्स कॉलेज

स्कूल

बिजली घर

अंतरप्रांतीय बस स्टेशन

पेट्रोल पंप

व्यवसायिक प्रतिष्ठान

परियोजना की स्थिति:

कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इस हब के ले-आउट को स्वीकृति दे दी है।

इसके लिए 78 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

हालांकि, दो काश्तकारों की भूमि रजिस्ट्री नहीं हो पाई है, क्योंकि वे अनुपस्थित हैं।

इसके अलावा, एक भूखंड पर न्यायालय में मामला लंबित है, जिससे NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी नहीं हो पा रहा है।

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शासन की तैयारी:

PWD (लोक निर्माण विभाग) को इस परियोजना की कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है।

लखनऊ की आवास विकास परिषद की टीम ने साइट सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।

क्या बोले विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा?

विधायक ने बताया कि इस बहुउद्देशीय परियोजना से स्थानीय जनता के साथ-साथ सीमावर्ती बिहार के लोगों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि भूमि विवाद का शीघ्र समाधान निकाल कर निर्माण कार्य को शुरू कराया जाए।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद:

भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय राय

मंडल अध्यक्ष पटहेरवा अमलेश तिवारी

पूर्व मंडल अध्यक्ष श्रीनिवास राय

विजय शंकर तिवारी

विजय सिंह

कुशीनगर बहुदेशीय हब परियोजना जिले की विकास गाथा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। हालांकि कुछ भूमि विवादों के चलते कार्य रुका हुआ है, लेकिन विधायक और प्रशासन की सक्रियता से शीघ्र समाधान की उम्मीद है।

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Pragati Gupta

प्रगति गुप्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं। इसके अलावा इन्हें साहित्य में रुचि है और कविताएँ लिखने का भी शौक है। वर्तमान में प्रगति जनस्वराज हिन्दी के संपादक के तौर पर काम कर रहीं हैं।

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