श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में श्रीराममय अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन,कवियों ने श्रोताओं का मन मोहा

नगसर। स्थानीय क्षेत्र के असांव में चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में श्रीराममय अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया ।
असांव में चल रहे श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक के संयोजन एवं वरिष्ठ कवि विजय कुमार मधुरेश के संचालन में महाकाव्य रचयिता कामेश्वर द्विवेदी की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि कवि हरिशंकर पाण्डेय, अतिविशिष्ट कवि दिनेश चन्द्र शर्मा, डॉ.विजय नारायण तिवारी के उपस्थिति में कवि रमेश व्यास, रामप्रवेश राय, लड्डू मास्टर आदि ने कवियों को माला एवं अंगवस्त्र आदि भेंट करके सम्मानित किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक के आव हे वीणा वाली आव हंस वाहिनी, स्वागतम् – स्वागतम् – स्वागतम् हम सुनाए कि हम कितना खुश हैं ये कैसे बताएं, कवि रमेश व्यास ने श्रीराम की महिमा जग में अपरंपार है, इसलिए हम-सब नतमस्तक उनके चरणों में करते वन्दन बारंबार हैं, कवि दिनेश चन्द्र शर्मा ने हे श्रीराम असुर प्रवृत्ति वालों का फिर आकर संहार करो, मानव विरोधी तत्वों का मंसूबा बेकार करो, डॉ.विजय नारायण तिवारी ने श्रीराम जी की कृपा से हम सबका होना उद्धार है, मुख्य अतिथि हरिशंकर पाण्डेय ने –पिता के कृपा से उचित मानकर अपना कदम बढ़ायेगा,उसका इहलोक और परलोक सुधर जाएगा । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाकाव्य रचयिता कामेश्वर द्विवेदी ने श्रीराममय सारा जग हो जाए,हम सब मिलकर ऐसा कुछ कर जाएं, सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। संचालक कवि विजय कुमार मधुरेश के श्रीरामचन्द्र जी ने मनुष्यों को दरकिनार कर क्यों लिया था बंदरों का अधिकतर साथ, क्यों कि सोने की लंका को देखकर, लंकेश की शक्ति से दिग्भ्रमित होकर अधिकांशतः मानव छोड़ सकते थे श्रीरामचन्द्र जी का भी साथ सुनाकर खूब गुदगुदाया।
धन्यवाद आभार प्रमुख संयोजक त्रिलोकी नाथ जायसवाल लड्डू मास्टर ने किया।


