शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और रसोइयों के भरोसे संचालित विद्यालय

सेवराई। भदौरा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर में सोमवार को शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। विद्यालय खुलने के बाद करीब 60 बच्चे पढ़ने पहुंचे, लेकिन मौके पर एक भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक मौजूद नहीं थे। पूरा विद्यालय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और रसोइयों के भरोसे संचालित होता नजर आया।

विद्यालय में मौजूद रसोइयों द्वारा मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) तैयार किया जा रहा था, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाने का प्रयास कर रही थीं। शिक्षक और प्रधानाध्यापक के बारे में पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि सभी शिक्षक किसी मीटिंग में गए हुए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर विद्यालय में तैनात सभी शिक्षकों को एक साथ मीटिंग के लिए कैसे बुला लिया गया, जबकि विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है। शिक्षकों की अनुपस्थिति में बच्चों को बिना किसी जिम्मेदार शिक्षक के छोड़ दिया गया, जिससे अभिभावकों में भी नाराजगी देखने को मिली।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई योजनाएं संचालित कर रही है। इसके बावजूद कुछ शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की लापरवाही से सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ रही है।

इस संबंध में प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। सभी तीनो शिक्षकों को जनगणना की ट्रेनिग के लिए बुलाया गया था।

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