भाई-बहन के अटूट बंधन व स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया





……बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी तंदुरुस्ती व दीर्घायु की कामना की….
…..भाइयों ने भी अपने बहनों की आजीवन रक्षा करने का लिया संकल्प….
सेवराई। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर तहसील क्षेत्र सहित आस पास के गांव में भाई बहन के इस अटूट श्रद्धा और विश्वास के पर्व पर बहनो ने अपने भाईयों के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा है। रक्षाबंधन पर्वो में एक अनोखा पर्व ही नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाला अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला और भाई बहन के स्नेह भरे रिश्तों की स्मृति दिलाने वाला एक परमात्मा उपहार हैं। भाई ने रक्षाबंधन का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानवता भय के साए में जी रही है। तन की, धन की, धर्म की, संबंधों की सुरक्षा का प्रश्न सभी के मन में मथ रहा है। ऐसे में परमपिता शिव की ओर से रक्षा कवच के रूप में प्रदान किया जाने वाला यह रक्षा सूत्र ईश्वरी वरदान ही हैं ने बताया कि यह पर्व हम सभी को प्रेरणा देता है, कि हम अपने मन को ज्ञान, पवित्रता, शांति, प्रेम, खुशी, आनंद और शक्ति के सप्त रंगों से रंग ले। इन गुणों की खुशबू से प्रकृति सहित संपूर्ण विश्व को महका दे।
भाई-बहन के अटूट बंधन व स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार शनिवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी तंदुरुस्ती व दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी अपने बहनों की आजीवन रक्षा करने का संकल्प लिया। शनिवार की सुबह होते ही लोगों की चहलकदमी शुरू हो गई। मिठाइयों और राखियों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। बहनों ने अपने भाइयों का हल्दी, रोली, कुमकुम, चंदन के साथ तिलक किया व उनका मुंह मीठा करवाया। भाइयों ने भी अपनी बहन को उपहार देकर अपना फर्ज निभाया। दूर रहने वाली बहनों ने अपने भाइयों को आनलाइन और आफलाइन राखी भेजी। पूरा दिन इस त्योहार को लेकर भाई- बहनों में उत्साह देखने को मिला।
वही छोटे छोटे बच्चों में टेडी बियर वाले राखी उनके मन को खूब लुभाये। उन्होंने अपने हांथो पर टेडी बियर वाले राखी बंधवाया और अपनी बहनों को भी उपहार भेंट की। भाई बहनों ने एक दूसरे के मनोकामनाएं की पूर्ति के लिए ईश्वर से कामना भी किया।


