नेशनल स्कूली वालीबॉल चैंपियनशिप में सेवराई के निखिल सिंह ने मचाया धमाल, एसडीएम सेवराई ने किया सम्मानित

सेवराई। तेलंगाना में आयोजित नेशनल स्कूली वालीबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश को विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गाजीपुर जनपद के निखिल सिंह को पहली बार अपने पैतृक गांव आने पर सेवराई तहसील के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार ने फूल मालाओं व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
सेवराई गांव निवासी किसान कमलेश सिंह के पुत्र निखिल सिंह का तेलंगाना में 22 से 26 दिसंबर तक आयोजित 68वीं अंडर 19 स्कूली नेशनल बालीबाल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम में चयन हुआ था। 26 दिसंबर को खिताबी मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम ने निखिल सिंह के शानदार प्रदर्शन के कारण लगातार तीन सेटों में गुजरात को पराजित कर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव उत्तर प्रदेश की टीम के नाम कर लिया था। इस पूरे मुकाबले में गाजीपुर जनपद के सेवराई गांव के लाल निखिल सिंह ने अपने टीम को विजेता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।
जनस्वराज हिंदी के व्हाट्सएप्प ग्रुप में जुडने के लिए क्लिक करें:
https://chat.whatsapp.com/DuMQ0U5z85a0bIgrUgUMlU
विजेता बनने के बाद निखिल सिंह के प्रथम आगमन पर शुक्रवार को सेवराई तहसील सभागार कक्ष में किसान नेता भानू प्रताप सिंह एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार व विशिष्ट अतिथि तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने बालीबाल खिलाड़ी निखिल सिंह को फूल मालाओं व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में आए अन्य गणमान्य लोगों के द्वारा भी निखिल सिंह को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान इनके कोच टुनटुन सिंह ने अपने शिष्य के इस उपलब्धि पर गौरवान्वित होते हुए कहाकि अगर सच्चे मन और लगन से मेहनत की जाएगी तो कामयाबी जरूर शोर मचाएगी।
मुख्य अतिथि एसडीएम सेवराई लोकेश कुमार ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा मोबाइल पर अपना समय ज्यादा व्यतीत कर रहे हैं वह खेल पर विशेष ध्यान दें जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक फिटनेस बनी रहेगी। वहीं देश प्रदेश स्तर पर भी वह अपना व अपने परिवार सहित क्षेत्र का नाम रोशन कर सकेंगे। तहसीलदार सेवराई सुनील कुमार सिंह एवं मौजूद सभी गणमान्य लोगों के द्वारा निखिल सिंह के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
इस मौके पर बलवंत सिंह सिकरवार, पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम प्रताप सिंह, अरबिंद सिंह, राकेश तिवारी, एडवोकेट सुमन्त सिंह कुशवाहा, मृत्युंजय सिंह, राजेश, अजित गुप्ता, लक्ष्मण शर्मा, पप्पू खान, मनोहर सिंह, रजनीश कुमार, सौरभ सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
Read Also: डंकी रूट: क्या है यह रूट, क्यों जाते हैं भारतीय इसे पार कर अमेरिका, और क्यों वापस भेजे जाते हैं?
_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'