छठवें रमजान पर तरावीह में कुरान मुकम्मल,मुल्क में अमन चैन और शांति के लिए दुआ मांगी

 

 

सेवराई। स्थानीय तहसील क्षेत्र के उसिया गांव स्थित दरगाह वाली नूरी मस्जिद में छठवें रमजान पर तरावीह में कुरान मुकम्मल हुआ। हाफिज ने रमजान और कुरान की बरकत, तरावीह व रोजे में अल्लाह व उसके रसूल के हुक्म पर बयान दिया और मुल्क में अमन चैन और शांति के लिए दुआ मांगी।

रमजान का चांद दिखने के बाद शनिवार को दरगाह वाली नूरी मस्जिद में तरावीह की नमाज शुरू हो गई । रमजान में मुस्लिम समुदाय में पांच वक्त की नमाज के अलावा तरावीह की नमाज को भी अहमियत दी जाती है। लंबी रकात होने के बावजूद भी बच्चे, बूढ़े और नौजवान सभी इस खास नमाज को पढ़ना चाहते हैं क्योंकि रमजान के महीने में इस नमाज को किरात में पूरी कुरआन पढ़ी जाती है।छठवें रमजान को तरावीह में कुरान मुकम्मल होने पर स्टेशन वाली मस्जिद के पेश इमाम और मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत फैजुर रसूल के प्रधानाचार्य कारी व हाफीज परवेज खान ने फरमाया कि वह लोग खुशनसीब हैं जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला। यह सदका हमारे नबी का है जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब होता है। अल्लाह ने फरमाया है कि हमने ही इसको नाजिल किया है हम ही इसकी हिफाजत करेंगे। उन्होंने कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान वह मुकद्दस व पवित्र महीना है जिसमें कुरआन नाजिल हुआ है। रमजान को बरकत, रहमत व मगफिरत का महीना बताते हुए लोगों से ज्यादा से ज्यादा इबादत करने व एक-दूसरे की भलाई करने की बात कही। कहा कि, ईद का चांद नजर आने तक लोग तरावीह की नमाज अदा करते रहें.नबी अकरम स व की सुन्नत पर चलने का आह्वान किया। मुकद्दस माहे रमजान का अहतराम करते रहने की हिदायत भी दी।

इस मौके पर नूरी मस्जिद के पेश इमाम हाफिज सुहैल खान बाबा ने कहा कि सदका ए फित्र अदा करना सभी मुसलमान भाई बहन को जरूरी है. इसे ईद उल फित्र की नमाज से कब्ल अदा कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि सामान्य लोग 2.45 किलो गेहूं की कीमत लगभग 65 रुपए प्रति व्यक्ति अदा करेंगे. मगर जिन्हे अल्लाह पाक ने नवाजा है, वह 490 ग्राम जव, 490 ग्राम खजूर या 490 ग्राम किशमिश की कीमत अदा करें, तो बेहतर होगा. इससे गरीबों मिस्किनो की जरूरतें काफी हद तक हल हो जाती हैं.

 

।।इसके बाद दुआ एं खैर तरक्की व मुल्क में अमन चैन और शांति की
भाईचारा,प्यार और इत्तेहाद की खास दुआ की। नमाज ए तरावीह में कुरान शरीफ सुनाने वालों ने हाफिज का नजराना व फूल मालाओं से इस्तकबाल किया गया। तरावीह पूरी होने पर मस्जिद में तबर्रूक बांटा गया। इस मौके पर बाबर करैंशी,राजू कुरैशी, इमरान खान, हाफिज रूमान,नसीम कुरैशी, अकबर खान, शरफराज खान, शब्बीर खान,हैदर खान, नदीम खान, मोहम्मद अली खान, ऐजाज़ खान फैसल खान, महफूज खान,असरफ खान, अहमद रजा खान, इकराम खान, अमजद खान,सेराज खान आदि लोग मौजूद रहे।

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