खण्ड शिक्षा अधिकारी ने अमान्य कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों पर कसा नकेल, कराया बंद

सेवराई। खण्ड शिक्षा अधिकारी भदौरा सुरेंद्र सिंह पटेल ने शनिवार को मान्यता से इतर कक्षाओं का संचालन करने वाले विद्यालयों की जांच की। जांच में पाया गया कि कुछ विद्यालय मान्यता की कक्षाओं से इतर बारहवीं तक का संचालन कर रहे थे। इस पर उन्होंने उन विद्यालयों को नोटिस देकर बंद कराया और उनके प्रधानाध्यापक/प्रबंधक को सख्त निर्देश दिए।

खण्ड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया कि जब तक मान्यता आदेश प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक वे विद्यालय का संचालन नहीं कर सकते। यदि वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें प्रथम बार 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, यदि वे बंद कराने के बाद भी विद्यालय का संचालन जारी रखते हैं, तो उन्हें प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से जुर्माना देना होगा। जुर्माना अदा कर जमा रसीद उपलब्ध न कराने की स्थिति में चल-अचल संपत्ति से जुर्माने वसूली हेतु विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खण्ड शिक्षा अधिकारी ने सेवित क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर निर्देशित किया कि वे अभिभावकों से संपर्क कर सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखें और बच्चों की शैक्षिक प्रगति से उन्हें अवगत कराते रहें।
वही विद्यालय के बच्चों को भी खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में उनकी कक्षा की मान्यता नहीं है, वे अपने गांव के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन करा लें। नामांकन करने के बाद सूची बनाकर सूचना उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।

खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा बंद कराए गए अमान्य कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों में क्षेत्र के बाबा बनारसी बालिका जूनियर हाई स्कूल देवल जिसकी मान्यता कक्षा 6 से 8 तक है लेकिन संचालन 1 से 12 तक किया जा रहा था। वही बौद्ध विहार विद्यापीठ धनाढी की मान्यता 1 से 5 तक है लीकिन इसका संचालन 1 से 8 तक किया जा रहा है।वही क्षेत्र के हरी आदर्श विद्यापीठ धनाढी की मान्यता 1से 5 तक मिला है और संचालन 1 से 10 तक किया जा रहा है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी भदौरा सुरेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि क्षेत्र के तीन विद्यालयों का मान्यता से ऊपर संचालन किया जा रहा था।जिसे नोटिस देकर बंद कराया गया है।और शख्त निर्देश दिया गया है कि भविष्य में अगर कोई विद्यालय संचालक मान्यता से इतर  संचालन करता है तो और शख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और अमान्य कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।

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