Latest News

सेवराई तहसील में जलजमाव के विरोध में अधिवक्ताओं ने की धान की रोपाई, जताया आक्रोश

सेवराई। स्थानीय तहसील परिसर में बरसात के बाद हुए जलजमाव से नाराज अधिवक्ताओं ने गुरुवार शाम अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अजय राय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धान की रोपाई कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।

अधिवक्ताओं का कहना था कि तहसील परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है। इससे फरियादियों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि बरसात के दौरान तहसील परिसर किसी तालाब जैसा दिखाई देने लगता है।

पूर्व बार अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सेवराई को तहसील का दर्जा मिले करीब नौ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से तहसील के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इस दौरान अधिवक्ता सुमंत सिंह कुशवाहा सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

_____________________________________________________________________________________________ जनस्वराज हिंदी की संपादक प्रगति गुप्ता एक पत्रकार के साथ ही लेखिका भी हैं। सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन मुद्दों पर उनकी लेखनी विशेष पहचान रखती है। 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अभी खरीदें यदि आप ऐसी कविताएं पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू जाएं और मन में नई ऊर्जा भर दें, तो 'आवाज़ें ज़िंदा हैं' आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति मंगवाएं और शब्दों की इस संवेदनशील यात्रा का हिस्सा बनें। निचे लिंक पर क्लिक कर आर्डर करें. Purchase 'आवाज़ें ज़िंदा हैं'

Don't try, this is illigal.