पंजाब मेल के भदौरा स्टेशन पर ठहराव से झूम उठे लोग

 

 

…..रेलयात्री कल्याण समिति के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता….

……लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन कर्मियों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत, मिठाई बांटकर मनाया गया जश्न….

स्थानीय तहसील क्षेत्र के भदौरा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब वर्षों की प्रतीक्षा के बाद हावड़ा से अमृतसर के बीच चलने वाली पंजाब मेल (13005 अप/13006 डाउन) का औपचारिक ठहराव स्टेशन पर हुआ। इस अवसर पर रेलयात्री कल्याण समिति भदौरा के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह उर्फ टेटा सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों और रेल प्रेमियों ने स्टेशन पर एकत्र होकर ट्रेन के लोको पायलट, गार्ड व अन्य स्टाफ का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इसके बाद मिठाई वितरित कर लोगों ने अपनी खुशी का इजहार किया।
गुरुवार की सुबह जब ट्रेन अपने निर्धारित समय से लगभग एक घंटे की देरी से सुबह 7:40 बजे भदौरा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची, तो वहां पहले से जुटे सैकड़ों लोग बेहद उत्साह के साथ ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकी, लोग इंजन की ओर दौड़ पड़े और चालक दल तथा गार्ड को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। चारों तरफ “ हर हर महादेव और मां कामाख्या के जयकारे से गूंजते रहे।
रेलयात्री कल्याण समिति भदौरा के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कोविड-19 काल के दौरान भदौरा स्टेशन पर रुकने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया था। इसके विरोध में संगठन द्वारा रेल महानिदेशक हाजीपुर, रेल प्रबंधक दानापुर, रेलवे बोर्ड दिल्ली एवं रेल मंत्री तक बार-बार पत्राचार कर ठहराव बहाल करने की मांग की गई, लेकिन वर्षों तक यह सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहा।
उन्होंने कहा कि आज जब पंजाब मेल का ठहराव शुरू हुआ है, तो यह केवल एक ट्रेन नहीं बल्कि जनता की आवाज की जीत है। भदौरा जैसे क्षेत्र के लिए यह ठहराव बेहद जरूरी था, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय, शिक्षा व स्वास्थ्य मुख्यालय आने जाने के साथ ही बड़ी सख्या में लोग पंजाब, दिल्ली, हरियाणा व अन्य महानगरों व राज्यों की यात्रा करते हैं।
समिति के महामंत्री संजीव सिंह ने कहा कि पंजाब मेल के ठहराव से लोगों को काफी राहत मिली है, लेकिन अभी भी कोटा-पटना एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बहाल किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले ये ट्रेनें भदौरा स्टेशन पर रुकती थीं, और अब भी हजारों लोग इन ट्रेनों के पुनः ठहराव की मांग कर रहे हैं।
रेलयात्री कल्याण समिति ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर सिंह को धन्यवाद देते हुए आग्रह किया कि वे कोटा-पटना एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस के ठहराव के लिए भी रेलवे बोर्ड से वार्ता करें। संगठन ने यह भी कहा कि जब तक सभी बंद की गई ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं होता, तब तक आंदोलनात्मक रणनीति जारी रहेगी।
रेलयात्री कल्याण समिति के सचिव पंकज गुप्ता ने कहा कि भदौरा स्टेशन पर पंजाब मेल के ठहराव की बहाली क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत और उपलब्धि है। यह सिर्फ रेलवे से जुड़ी नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की जीत है। अब लोगों को कोटा-पटना एक्सप्रेस व फरक्का एक्सप्रेस के भी ठहराव की प्रतीक्षा है, जिसके लिए रेलयात्री कल्याण समिति लगातार प्रयासरत है।
इस अवसर पर भदौरा स्टेशन पर एक सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला। फूल-मालाओं, मिठाई और नारों के बीच ट्रेन के स्वागत में जो जोश दिखा, उसने यह साबित कर दिया कि जनशक्ति से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।
मौके पर उपस्थित प्रमुख लोगों में नरेंद्र सिंह उर्फ टुनटुन सिंह, पंकज गुप्ता, रजनीकांत सिंह, मोनू सिंह, धर्मेंद्र पांडे, अवधेश सिंह, बुलेट बाबा,भोला, चिंटू, सोनू, नरेंद्र गुप्ता, धर्मदेव कुशवाहा, गोपी सिंह, सोहन वर्मा, सचिन जायसवाल सहित सैकड़ों ग्रामीण, व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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