कुशीनगर: छात्रा के शोषण मामले में आरोपी उप प्रधानाचार्य मोइनुद्दीन अंसारी बर्खास्त, संगठन से भी निष्कासित

कुशीनगर: जिले के कसया थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लुडीह स्थित कृषक इंटर कॉलेज में उप प्रधानाचार्य मोइनुद्दीन अंसारी पर छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद मामला सामने आया, जिसमें आरोपी को एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया।
राजनीतिक रसूख के सहारे करता था शोषण
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी शिक्षक मोइनुद्दीन अंसारी का राजनीतिक दलों के नेताओं से करीबी संपर्क था और वह खुद को प्रभावशाली साबित करने के लिए नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर प्रचार करता था। इस रसूख के चलते उस पर पहले भी कई छात्राओं के शोषण के आरोप लगे, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।:
यह भी पढ़ें: कुशीनगर में शिक्षक और छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, आरोपी गिरफ्तार
प्रधानाचार्य की चुप्पी ने बढ़ाया आरोपी का मनोबल
विद्यालय के प्रधानाचार्य की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। विद्यालय सूत्रों का कहना है कि प्रधानाचार्य को मोइनुद्दीन की हरकतों की जानकारी पहले से थी, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आरोपी का मनोबल बढ़ा और वह लगातार छात्राओं को निशाना बनाता रहा।
संगठन ने तत्काल प्रभाव से हटाया
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने 8 अप्रैल 2025 को मोइनुद्दीन अंसारी को प्रदेश उपाध्यक्ष पद और संगठन की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। संगठन के अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं शिक्षक समाज को शर्मसार करती हैं और संगठन ऐसे लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
“हम शिक्षकों की गरिमा और छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए,” — राजीव यादव, प्रदेश महामंत्री
बर्खास्तगी और प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद अभिभावकों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि मोइनुद्दीन को शिक्षा सेवा से तत्काल बर्खास्त किया जाए और प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि पहले ही कदम उठाया गया होता, तो कई छात्राएं आज सुरक्षित होतीं।
सवालों के घेरे में प्रशासन और सरकार
अब सवाल उठ रहा है कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार क्या इस मामले को गंभीरता से लेगी या सिर्फ औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी?


